गोंडा। गैर इरादतन हत्या के दो साल पुराने मामले में शनिवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि सुंदरकली निवासी ग्राम उमरी थाना उमरीबेगमगंज ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि 15 जनवरी 2021 को रात 10 बजे सास-बहू में विवाद के बीच गांव के सीताराम के पुत्र धर्मेंद्र, राजाबाबू, संजू व उनकी मां जयपता आ गए और झगड़ा करने लगे। इसी बीच उसके पति ढुनमुन आ गए तो उन्हें लाठी-डंडे से पीट दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान ढुनमुन की मौत हो गई।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और गैर इरादतन हत्या के साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान पुख्ता साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी धर्मेंद्र, राजाबाबू, संजू व जयपता को दोषसिद्ध किया। मामले में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पूजा सिंह ने धर्मेंद्र, राजाबाबू, संजू व उनकी मां जयपता को आठ-आठ साल के कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।