गोंडा। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में रविवार को बारिश का असर दिखाई दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या काफी कम रही। चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच के साथ इलाज किया।
परसपुर संवाद के अनुसार सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने रविवार को पीएचसी भौरीगंज पहुंचकर जन आरोग्य मेले का निरीक्षण किया और स्वयं ओपीडी में मरीजों का उपचार किया। 10 मरीज देखकर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। फार्मासिस्ट अनूप सिंह, वार्ड बॉय दीनानाथ, अतिबल सिंह, आदर्श सिंह, एलटी आदर्श तथा एएनएम नीता देवी ने सहयोग किया।
दुर्जनपुर घाट संवाद के अनुसार तरबगंज के बाढ़ प्रभावित माझा क्षेत्र के रांगी में रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित नौ मरीजों का उपचार किया गया। प्रभारी डॉ. उदय नारायण मिश्र ने मरीजों को दवा देने के साथ ही बरसात के मौसम में संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी।
हलधरमऊ संवाद के अनुसार नहवापरसौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव मरीजों के परचे बनाते रहे। हटही की कमला देवी सुबह साढ़े नौ बजे ही अपनी पोती महिमा को दिखाने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि महिमा को रात से तेज बुखार है। कमला देवी ने भी हाथ-पैर में झनझनाहट और एक हाथ कम काम करने की समस्या बताई। सोनवार के पवन कुमार ने बताया कि वह और उनकी बेटी खांसी व बुखार से पीड़ित हैं। लेकिन डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा।
दोपहर 12:20 बजे तक पहुंचे सात मरीज
बेलसर। पीएचसी मंगुरा में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में दोपहर 12:20 बजे तक सात मरीजों का इलाज किया गया। सुबह से हो रही बारिश के कारण मरीजों की संख्या कम रही। वहीं आयुष्मान भारत कार्ड बनाने में ड्यूटी लगी होने के कारण एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति से महिला मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैभव सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से सुबह मरीज कम पहुंचे। फार्मासिस्ट अमरनाथ गुप्त, एलटी उदयभान, वार्ड बॉय सूरज और स्वीपर/चौकीदार मनोज मिश्र ने सहयोग किया। सीएचसी अधीक्षक परसपुर डॉ. लवकेश शुक्ल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के विशेष अभियान में ड्यूटी लगाए जाने के कारण एएनएम और आशा कार्यकर्ता मेले में उपस्थित नहीं हो सकीं। (संवाद)
जन आरोग्य मेले में कम पहुंचे मरीज। संवाद
जन आरोग्य मेले में कम पहुंचे मरीज। संवाद