फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामचरित मानस को जीवन में उतारें

Sat, 22 Aug 2015 11:49 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
मानस रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की पावन जन्मभूमि को उनकी गरिमा के अनुकूल ऐसा स्थान मिलना चाहिए कि यह विश्व पर्यटन स्थल के मानचित्र पर उभर कर आए। जब यह क्षेत्र प्रतीक बन कर सामने आएगा, तब यह विश्व को अपनी तरफ  आकर्षित करेगा, इसलिए यहां का विकास होना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन


यह बातें शनिवार को तुलसीदास की जयंती के अवसर पर तुलसी जन्म भूमि राजापुर सूकर खेत में लोगों को संबोधित करते हुए विद्या भारती अवध प्रांत के प्रांतीय मंत्री बाबूलाल ने कहीं।

उन्होंने कहा कि इस स्थान का धरातल पर ऐसा विकास हो कि विश्व के लोग उस महान संत को याद कर यहं खुद खिचें चले आएं, तभी हम लोग उनके उत्तराधिकारी कहलाएंगे। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी द्वारा विरचित रामचरित मानस को लोग केवल पढ़ें  ही नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन भी उतारें।
विज्ञापन


 कवि रवींद्र भ्रमर ने अपनी रचना पढ़ी। साहित्यकार संत शरण त्रिपाठी ने कहा कि जनजागरण तथा स्थानीय जनमानस के सहयोग से इस स्थली का कायाकल्प होना चाहिए। आरएसएस के जिला कार्यवाह ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि अब गोस्वामी जी के जन्मस्थान के बारे में कोई शंका नहीं रह गई है।

तुलसी जन्म भूमि सुकर खेत विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने अपने उद्बोधन में तुलसी जयंती के अवसर पर आये हुए सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि घोषणाओं के अलावा आज तक धरातल पर कुछ भी नहीं दिखलाई पड़ रहा है।

इस अवसर पर तुलसी चालीसा पाठ, भजन कीर्तन, तुलसी मंदिर परिक्रमा के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। उधर, लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में हिंदी विभाग में समारोह आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह ने महाविद्यालय के मुख्य परिसर में निर्मित प्रेक्षागार का नामकरण तुलसीदास प्रेक्षागार करते हुए उन्हें समर्पित किया। डॉ.

ऋषिकेश सिंह के गजल संग्रह जो कह दिया, सो कह दिया, रामकुमार नवीन के उपन्यास आगम, डॉ. सहदेव मिश्र की छह पुस्तकें सीता परित्याग, भगवान निर्गन्थ, विचार बिंदु, कर्तव्य पथ के राही, त्रिक बोध, सुभाषतंत्र का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर मुख्य नियंता डॉ. आेंकार पाठक, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अतुल सिंह, डॉ. डीके गुप्त, डॉ. मिथिलेश मिश्र, डॉ. रामसमुझ सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें