गोंडा। रोजवेज कर्मचारियों ने सवारियां बैठाने को लेकर शनिवार को हुए हंगामे के बाद रविवार को रोडवेज परिसर कार्यालय में आपात बैठक की। पदाधिकारियों ने कहा, शहर में दो पुलिस चौकियों के बीच सुनियोजित तरीके से डग्गामार वाहनों में सवारियां बैठाने से रोजवेज को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। जाम लगने के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।
संघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण भानु तिवारी ने कहा, मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद दो चौकियों के बीच सुनियोजित तरीके से डग्गामार वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इससे रोडवेज को प्रतिदिन चार लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। बस स्टैंड गेट पर पुलिस ने बैरिकेडिंग करा रखी है। इससे रोजाना जाम का समाना करना पड़ रहा है। अरुण भानु ने कहा, पूर्व में एसपी के समक्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने रूट डायवर्जन व बस संचालन को लेकर समझौता किया था। इसे लागू किया जाए। इस दौरान यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री रवींद्र कुमार दुबे, शाखा मंत्री मोदनवाल, यूपी रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश पदाधिकारी रवि मिश्र, सेंट्रल कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता पीएन पांडेय आदि मौजूद रहे।