गोंडा। संभागीय परिवहन कार्यालय पिछले काफी समय से चर्चा के केन्द्र में रहा है। यहां बाहरी लोगों के हस्तक्षेप के चलते रोजाना काफी बवाल होता था। एक दिन इसी को लेकर काफी विवाद बढ़ गया और पुलिस तक को बुलाना पड़ा। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम को पत्र भेजकर कार्यालय के बाहर अवैध रूप से दुकान चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एक्शन लेते हुए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट और नगर पालिका की टीम के साथ पुलिस की टीम को मौके पर भेजा। शनिवार को अफसरों की टीम को देखते ही आरटीओ दफ्तर के सामने भगदड़ मच गई।
सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी की अगुवाई में शनिवार को नगर पालिका की टीम और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। आरटीओ दफ्तर के बाहर अवैध ढंग से दुकान चलाते और काम करते पाये गये 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। बताया जा रहा है कि वहां अस्थाई रूप से बनी ढाबली और दुकानों को ढहा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इन्ही दुकानों से बैठकर आरटीओ आफिस में दलाली का रैकेट चलता था। एआरटीओ प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी। इससे कार्यालय के कार्यों में काफी परेशानी होती थी।
कार्यालय में भी मारा जा सकता छापा
बिचौलियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कुछ बिचौलिये कार्यालय में भी जाकर दबंगई करते हैं। इसके खिलाफ भी जल्द ही अभियान चलाया जा सकता है। आरटीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि संभाग के सभी एआरटीओ को कार्यालय में लगातार निगरानी के निर्देश दिये गये हैं।