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Gonda News: अधिकारियों की अनदेखी से नहीं रुक रही शिक्षा में अव्यवस्था

Sun, 18 May 2025 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। जिले की बुनियादी शिक्षा को सुधारने के लिए दिए जा रहे प्रशासनिक आदेशों का मातहत अधिकारी पालन नहीं कर रहे हैं। स्थिति यह है कि 163 अवैध रूप से संचालित स्कूलों को बंद करने का आदेश मिलने के 15 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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बीते 26 अप्रैल को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने तहसीलदार, थानाध्यक्ष और खंड शिक्षा अधिकारियों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध स्कूलों को बंद कराने का आदेश दिया था। निर्देश में यह भी कहा गया था कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर 15 दिन में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लेकिन निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है और अब तक ज्यादातर अवैध विद्यालय यथावत संचालित हो रहे हैं। मियाद पूरी होने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 13 मई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अतुल कुमार तिवारी ने एक बार फिर संबंधित अधिकारियों को 19 मई तक अवैध स्कूलों को बंद करने का नोटिस जारी किया। बीईओ सीमा पांडेय ने कहा है कि स्कूल जल्द सील कराया जाएगा और बच्चों को नजदीकी प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी का कहना है कि आदेशों के बावजूद अगर जिम्मेदार अधिकारी नहीं सुन रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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लेखा विभाग भी बन रहा बाधा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनय तिवारी ने आरोप लगाया कि लेखा विभाग शिक्षकों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। डीएम, सीडीओ और बीएसए की ओर से कार्यालय स्थानांतरण के नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अमल नहीं हो रहा। इससे शिक्षकों का मनोबल टूट रहा है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों की शिकायत, कार्रवाई अधर में
कटरा बाजार के नरायनपुर कला निवासी अशोक कुमार सिंह ने शिकायत की है कि उनके गांव में एक अवैध स्कूल सीबीएसई पैटर्न और तमाम सुविधाओं का झांसा देकर अभिभावकों को गुमराह कर रहा है। यह स्कूल 163 स्कूलों की सूची में भी शामिल है, फिर भी बंद नहीं किया गया।
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