रोडवेज बस स्टैंड के पास गुरुनानक चौराहा लंबे समय से डग्गामार वाहनों का गढ़ बना हुआ था। सुबह से शाम तक वहां निजी वाहन चालक खुलेआम सवारी बैठाते थे। यात्रियों को जल्दी पहुंचाने के नाम पर वे सड़क के बीच में ही गाड़ियां खड़ी कर देते थे। इससे रोजाना जाम की स्थिति बनती थी। परिवहन निगम को भारी राजस्व नुकसान भी उठाना पड़ता था। रोडवेज के एआरएम कपिल देव ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी।
बुधवार सुबह करीब छह बजे सादी वर्दी में आईजी अचानक गुरुनानक पुलिस चौकी पहुंच गए। डग्गामार चालकों को कार्रवाई का आभास हुआ तो वे गाड़ी लेकर भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। दो वाहनों पर पुलिस और प्रेस के स्टीकर लगाकर चालक बचने की कोशिश कर रहे थे। मगर आईजी ने तुरंत उन्हें सीज करने का आदेश दिया।
सीज हुए डग्गामार वाहन
महानगर लखनऊ के पीएसी 35 वाहिनी के सूरज प्रताप सिंह, लखनऊ के आलमबाग निवासी अमित सिंह, बहराइच के हरिश्चंद, लखनऊ के सचिन कुमार, अयोध्या के मोहम्मद फैसल, लखनऊ के राजेश कुमार, मोहम्मद तारिक, मो. शहीम, नानबाबू व मोहम्मद अतीक की अर्टिगा, अयोध्या के अशोक कुमार व कुशीनगर के इंद्रकमल तिवारी की प्राइवेट बस सीज की गई है।
इन्हें किया लाइन हाजिर
उपनिरीक्षक विकास गुप्ता, आरक्षी समरपाल वर्मा, विपिन कुमार गौतम, आदित्य कुमार और मदन कुमार को आईजी ने तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। आईजी ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलेंगे। जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
डग्गामार वाहनों के कारण रोडवेज परिसर के बाहर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। अधिवक्ता राहुल द्विवेदी ने बताया कि सुबह बच्चे को स्कूल छोड़ने जाते समय जाम का सामना करना पड़ता था। डग्गामार वाहन सड़क के बीच सवारी बैठाते थे। व्यापारियों और यात्रियों ने आईजी की कार्रवाई का स्वागत किया है।
तो निलंबन भी होगा
आईजी अमित पाठक ने कहा कि यातायात नियंत्रण को लेकर कई स्तर पर प्रयास किए गए। कई बार जांच की गई, लेकिन पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो सका। अब निलंबन की भी कार्रवाई की जाएगी।