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Gonda News: जांच की व्यवस्था नहीं तो कहीं दवाओं का टोटा

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पंतनगर पीएचसी में बुजुर्ग महिला का इलाज करतीं डॉ. पाटला कुमारी। - संवाद 
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गोंडा। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल जन आरोग्य मेले का आयोजन खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो जांच की सुविधा मिलती है और न ही मरीजों को जरूरी दवाएं मुहैया कराई जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि, शहर से सटे व नगरीय पीएचसी पर भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहता है। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जमीनी हकीकत सरकारी दावे से बिल्कुल इतर रही। पेश है रिपोर्ट-
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बिना जांच किए इलाज की खानापूर्ति
काजीदेवर सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंतनगर में 11 मरीजों का उपचार किया गया था। दुल्लापुरवा निवासी बुजुर्ग विद्यावती को पेट दर्द, गैस व मुंह में छाले की समस्या थी। चिकित्साधिकारी डॉ. पाटला कुमारी ने मरीज को कुछ दवाएं दीं और बोलीं आयुर्वेदिक वाला चूरन सोमवार को ले लेना। परेड सरकार निवासी बाबादीन को पैरों में दर्द था। इसी प्रकार कई मरीजों को बुखार, जुकाम व सिर में दर्द की समस्या थी। लैब टेक्नीशियन छुट्टी पर होने के कारण बिना जांच के ही मरीजों के इलाज की खानापूर्ति कर दी गई। इस दौरान फार्मासिस्ट दीपेश वर्मा, वार्डबॉय उमाशंकर यादव आदि मौजूद रहे।
न कफ सिरप, न मिली शुगर की दवा
नगरीय पीएचसी पर सिविल लाइंस में 42 मरीजों का उपचार हुआ था। इनमें सीमा, वारिश अली, सालिकराम, समीना, सुंदरपति समेत 18 मरीजों को शुगर की समस्या थी। शुगर की दवा मेटफार्मिंग नहीं मिली। मरीजों को बाहर जन औषधि से दवा लेने का परामर्श दिया गया। पंतनगर निवासी महिमा को 10 दिनों से खांसी आ रही थी। पीएचसी पर खांसी के लिए कफ सिरप उपलब्ध नहीं था। मरीज को टैबलेट देकर भेज दिया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. पीपी पांडेय ने बताया कि मेटफार्मिंग की दवा कार्पाेरेशन से जांच के लिए गई है। इसलिए अभी उसकी उपलब्धता नहीं है। कफ सिरप के स्थान पर टैबलेट दी जाती है।
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नहीं हुई जांच, सबसे अधिक जुकाम व बुखार के रोगी
परसपुर सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूरे तिवारी में डॉ. दीपक कुमार मरीजों का इलाज कर रहे थे। 22 मरीजों का उपचार किया गया जिसमें ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, जुकाम, त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि प्रयोगशाला सहायक की तैनाती न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। लक्षण के आधार पर मरीजों का इलाज किया गया। पीएचसी मसकनवा में डॉ. डीसी वर्मा ने सुबह 11 बजे तक एलर्जी, बुखार, पेट दर्द सहित अन्य बीमारियों से प्रभावित 14 मरीजों का उपचार किया। लैब टेक्नीशियन छांगुर प्रसाद, फार्मासिस्ट रमेश यादव, सुशीला वर्मा आदि मौजूद रहे।
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