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Gonda News: क्षेत्र की आपूर्ति शुरू न हुई तो एई व जेई के आवास की कटेगी बिजली

Sun, 10 May 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता ने धानेपुर व मेहनौन के अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी के आवास की बिजली काटने के आदेश दिए हैं। बीते चार मई को आंधी व बारिश के चलते दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। छह दिन बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं होने पर मुख्य अभियंता ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य अभियंता ने समीक्षा के बाद मनकापुर के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और धानेपुर व मेहनौन के अवर अभियंता की बड़ी लापरवाही मानते हुए यह आदेश दिया है।
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मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि आंधी व बारिश के चलते गोंडा में लगभग एक हजार खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे। विद्युत वितरण खंड मनकापुर के धानेपुर और मेहनौन क्षेत्र में चार सौ से अधिक खंभे टूट गए थे। मुख्य अभियंता ने बताया कि वह मनकापुर के उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता से लगातार बात कर रहे थे। क्षतिग्रस्त खंभे बदलने और आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए थे। दैवीय आपदा के लिए लगी एजेंसी के साथ ही अतिरिक्त स्थानीय एजेंसियों को भी कार्य आदेश के माध्यम से काम पर लगाने को कहा गया था।
वर्चुअल माध्यम से हुई समीक्षा में पाया गया कि धानेपुर में 150 और मेहनौन में 105 खंभे बदलने बाकी हैं। यह भी सामने आया कि आठ मई तक केवल एक एजेंसी काम कर रही थी। नौ मई को तीन अतिरिक्त एजेंसियां लगाई गईं और अधिकांश खंभे 08-09 मई को भंडार से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि संबंधित कनिष्ठ अभियंता, उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने लापरवाही बरती है। माना कि क्षतिग्रस्त खंभों और लाइनों का आकलन ठीक से नहीं किया गया। स्थानीय एजेंसी लगाने और कार्य का पर्यवेक्षण करने में संवेदनहीनता दिखाई गई। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली संकट से जूझ रहे हैं। उनकी दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने अधीक्षण अभियंता को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि 10 मई की शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो कनिष्ठ अभियंता धानेपुर ज्ञानेश चौहान, कनिष्ठ अभियंता मेहनौन अवनीश पांडेय और उपखंड अधिकारी धानेपुर शेषमणि त्रिपाठी के आवासों की बिजली काट दी जाए। ये अधिकारी गोंडा शहर में रहते हैं। इस कदम से उन्हें बिजली के बिना जीवन की कठिनाई का अहसास होगा और वे उपभोक्ताओं की पीड़ा समझकर संवेदनशील होकर काम करेंगे।
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