साक्ष्य के अभाव में सास को कोर्ट ने किया दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 10 साल कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी मामले में साक्ष्य के अभाव में अदालत ने आरोपी सास को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम परासपट्टी पुरवार नई बस्ती निवासी मीना ने कोतवाली मनकापुर में केस दर्ज कराया कि उसने अपनी बेटी रीता की शादी क्षेत्र के ग्राम अवधूपुर लिदेहना ग्रंट के रहने वाले व्यासमुनि निषाद के साथ की थी। लेकिन व्यासमुनि निषाद व उसके परिजन मोटर साइकिल मांगकर बेटी को प्रताड़ित करते थे। छह नवंबर 2020 को पता चला कि बेटी के पति व ससुराल वालों ने उसे मार डाला है और फांसी का फंदा बनाकर लटका दिया है।
विवेचना में अपराध का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी पति व्यासमुनि निषाद, सास हुमेला देवी व ससुर राम अवध के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान आरोपी राम अवध की मृत्यु हो गई। विचारण के दौरान अपराध का संदेह से परे साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त व्यासमुनि निषाद को दोषी करार दिया। जबकि साक्ष्य के अभाव में आरोपी हुमेला देवी को दोषमुक्त कर दिया।
शुक्रवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी नवीन) नम्रता अग्रवाल ने दोषी अभियुक्त व्यासमुनि निषाद को दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या के अपराध में 10 साल सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।