भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली के नंगे तारों से होने वाले हादसों पर काबू पाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन जल्द ही गोंडा शहर के कुछेक इलाकों में खींची गई बिजली की लाइन को भूमिगत करने जा रहा है। जिसका काम पहले चक्र में बड़गांव से शुरू होकर रानीबाजार और चौक इलाकों में चलेगा और जैसे ही यहां की बिजली अंडरग्राउंड होती है, उसके बाद बारी-बारी से पूरे शहर में खींचे गए बिजली के तारों को अंडरग्राउंड कर दिया जाएगा। अधिशासी अभियंता की ओर से इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
शहरी इलाकों को 22 से 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 14 से 16 घंटे दिए जाने की घोषणा पर काम पूरा करने के बाद पावर कॉर्पोरेशन महकमा अब शहरी इलाकों में होने वाले बिजली हादसों पर काबू पाने के लिए हर जगह की बिजली तारों को भूमिगत करने में लगा है। इसके लिए हाल में एक प्रस्ताव स्थानीय बिजली अधिकारियों से मांगा गया था।
चूंकि गोंडा शहर में बिजली के 33 केवी से लेकर 11 केवी व एलटी (440 वोल्ट) लाइनों का दायरा 100 से ऊपर किलोमीटर की दूरी में फैला है। इसलिए एक साथ पूरे शहर की बिजली लाइन को अंडरग्राउंड नहीं किया जा सकता। जिसके लिए स्थानीय बिजली अभियंताओं ने शहर के ज्यादातर भीड़भाड़ वाले ऐसे तीन इलाकों का चयन अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए किया है।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम अशोक यादव की मानें तो शुरूआती दौर में बिजली की उपरगामी 11 केवी व एलटी लाइन को अंडरग्राउंड करने के लिए कुछ ऐसे चुनिंदा इलाकों (बड़गांव, रानीबाजार व चौक) का चयन किया गया है। जहां इसकी केबल बिछाया जाना काफी जरूरी है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये लागत का एक इस्टीमेट तैयार कर पावर कॉर्पोरेशन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जैसे ही कॉर्पोरेशन की स्वीकृति इस इस्टीमेट को मिल जाती है, वह इसका काम यहां शुरू करा देंगे।
अभी गोंडा शहर के बडग़ांव, चौक और रानीबाजार इलाकों से होकर जो बिजली की लाइन गई हुई है, वह बिजली केबल के अंडरग्राउंड होते ही पूरी तरह से गायब हो जाएगी। बिजली केबल के अंडरग्राउंड होने का सबसे ज्यादा फायदा आम पब्लिक को मिलेगा। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन