गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल जिलों में गोंडा प्रमुख माना जाता रहा है। हर साल सीएम जिले में दौरा करते हैं और यहां के विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। जिले के विकास की चिंता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह बाढ़ की स्थिति को लेकर सदैव गंभीर रहते हैं और हर साल निरीक्षण करते रहे हैं। दो दिनों में दो बार जिले में आकर सीएम ने फिर संकेत दिया कि गोंडा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कई विकास योजनाओं पर उन्होंने सहमति जताई। जिलाधिकारी से जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को भेजने का निर्देश दिया और कहा कि जिले के विकास में तेजी रहनी चाहिए।
जिले के लिए सबसे अहम आउटर रिंग रोड है जिससे शहरी यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसका मामला गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने रखा और कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने समर्थन किया। यातायात व्यवस्था के साथ ही शहर में कानून व्यवस्था के लिए भी आउटर रिंग रोड का अपना अलग ही स्थान है। मुख्यमंत्री ने भी सहमति जताई और प्रस्ताव मांगा। सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने शहरी क्षेत्र के विस्तार का कार्य पूरा करने की मांग किया। बताया कि 36 गांवों को शहर में शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन तेजी नहीं आ रही है। इसके अलावा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने मनकापुर- उतरौला से अयोध्या मार्ग के चौड़ीकरण योजना में वन विभाग की आपत्ति का मामला उठाया गया। मुख्यमंत्री ने डीएफओ को निर्देश दिया कि सड़क के निर्माण की बाधा दूर कराएं। इसके साथ ही गौरा विधायक प्रभात वर्मा ने सादुल्लाहनगर मार्ग के अवशेष 23 किमी रोड के निर्माण का कार्य पूरा कराने की मांग की।
प्रभात वर्मा ने कहा कि हर विधानसभा में 250-250 से अधिक गांव हैं जहां विद्युतीकरण का कार्य लटका है। टिकरी से मन्नीपुरवा मार्ग का मामला सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उठाया और बताया कि इस सड़क से डुमरियागंज से जिले के लोग सीधे जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही मेहनौन विधायक विनय द्विवेदी ने जयप्रभाग्राम से भवनियापुर होते हुए आर्यनगर मार्ग के निर्माण की मांग रखी। तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडे, करनैलगंज विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैय्या, कटरा विधायक बावन सिंह ने मांगे रखीं। इस दौरान जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन त्रिपाठी, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावों को मांगा है और शासन स्तर से कार्रवाई पूरी कराने का आश्वासन दिया। माना जा रहा है इस मंथन से जिले के विकास को एक नई दिशा मिलेगी।
राशन वितरण पर विशेष निगरानी के लिए दे गए संदेश
मुख्यमंत्री ने राशन वितरण में गड़बड़ी के लिए जिले की स्थितियों पर गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीबों तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। यहां पर काफी अरसे से गड़बड़ी होने की शिकायतें मिल रहीं हैं। उन्होंने हिदायत दी कि राशन वितरण में जो भी कमी हो उसे दूर कर लें। आम लोगों तक राशन वितरण पूरी पारदर्शिता से कराया जाए। बता दें कि हाल में सरकार ने गरीबों को राशन देने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। हर गरीब को राशन देने की पहल की है। ऐसे में गरीबों के राशन में कोई गड़बड़ी न होने पाए इसके लिए मुख्यमंत्री खासे गंभीर दिखे।
पंचायत चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था की बेहतरी पर जोर
मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव के भी संकेत दिए, उन्होंने कानून व्यवस्था पर कहा कि ऐसी व्यवस्था करें कि हरहाल में पीड़ितों को न्याय मिले और अपराधियों की जगह जेल हो। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के पहले जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला। इससे माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार गंभीर है। फिलहाल अभी यह तो संकेत नहीं दिए कि चुनाव कब तक होंगे, कोरोना की स्थितियों को देखते हुए आगे की रणनीति तय होगी। इसके बावजूद सीएम ने पंचायत चुनाव के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का संकेत देकर हलचल मचा दी है।
हर छोटी-छोटी समस्या का रखा ध्यान, दिए निर्देश
मुख्यमंत्री की निगाहें हर छोटी-छोटी बातों पर रहा। स्वास्थ्य महकमे को कोरोना की चुनौतियों से निपटने का मंत्र देने के साथ ही बारिश में संचारी रोगों से भी सतर्क किया। कहा कि संचारी रोग अभियान तेज करें और जनप्रतिनिधियों का पूरा सहयोग लें। सभी लोग गांवों में लोगों को बारिश से संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जागरूक करें। इसके साथ ही बारिश से जलभराव की तरफ भी उन्होंने ध्यान दिया और कहा कि शहर से लेकर गावों तक में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ठोस पहल हो। इसके साथ ही अन्य समस्याओं पर अधिकारियों को सतर्क किया।