गोंडा। पंचायत चुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी की है। गांवों में दबंगई के बल पर चुनाव में मतदान कराने के साथ ही नतीजों को अपने पक्ष में करने वाले दबंग अब पुलिस के निशाने पर हैं। बीट सिपाहियों की सूचना पर सभी थाना क्षेत्रों में दबंगों को चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है। दबंगों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद दबंगों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। दबंगों को चुनाव से पहले जिला बदर कर दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए सभी 17 थानों के समस्त गांवों में ऐेसे लोगों की पहचान करने के लिए बीट सिपाह अपने-अपने क्षेत्र के संभ्रांत लोगों से संपर्क करके दबंगों के बारे में जानकारी लेकर उनकी सूची तैयार कर रहे हैं।
बीट सिपाहियों से हररोज थानाध्यक्ष दबंगों के बारे फीड बैक ले रहे हैं। इसके बाद इन्हें सूची में शामिल करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ऐसे लोगों पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही करेंगे। इसके बाद उन्हें जिला बदर कर दिया जाएगा।
करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में स्थानीय राजनीति में दखलंदाजी करने वाले एक व्यक्ति के साथ खोड़ारे थाना क्षेत्र में एक ग्राम प्रधान को पुलिस ने दबंगई के कारण चिन्हित किया है। जिसे सूची में शामिल किया गया है। दोनों पर पुलिस ने गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को भेजने के लिए रिपोर्ट तैयार की है।
पुलिस ने पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण निपटाने के लिए तैयारी तो की है। मगर 2015 के पंचायत चुनाव में कोतवाली देहात व थाना नवाबगंज के चौखड़िया समेत कौड़िया व वजीरगंज के थाना क्षेत्र के चार गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजे थे।
इसमें कोतवाली देेहात व नवाबगंज थाना क्षेत्र में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। कौड़िया व वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांवों में लोग घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की थी और आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया।
पुलिस के लिए चारों थाना क्षेत्र के यह गांव चुनौती भरे हैं। यहां पंचायत चुनाव में जानलेवा हमले के साथ हत्या जैसा जघन्य अपराध हो चुका है। पुलिस इन ने गांवों में अपनी नजर गड़ा दी है।
पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में समस्त क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारियों के साथ बैठक में अपराध समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक ने पहले उनकी समस्याएं सुनी और निराकरण किया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि होली व पंचायत चुनाव करीब है। पंचायत चुनाव में कच्ची शराब का प्रयोग रोकने के लिए अभी से उसके कारोबारियों पर नजर रखें और शराब बनाने व बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करें।
पंचायत चुनाव को लेकर अभी से निरोधात्मक कार्यवाही करें, शस्त्र धारकों से नियमानुसार शस्त्र जमा कराए जाएं, थाना दिवस व तहसील दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्ता पूर्वक समय से निस्तारण कराया जाए।