लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी हेपेटाइटिस के नाम पर जिले में कुछ एनजीओ फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बगैर परमीशन लिए एनजीओ के लोग ग्रामीण इलाकों में जाकर हेपेटाइटिस का टीका लगा रहे हैं और इसके एवज में लोगों से 100 से 200 रुपये तक की वसूली भी कर रहे हैं।
मामले की कई शिकायतें फोन पर मिलने के बाद सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने प्रकरण से जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को अवगत कराते हुए ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है।
साथ ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आगाह किया है कि अगर ऐसा कोई व्यक्ति इलाके में टीका लगाने जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें, ताकि इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
हेेपेटाइटिस से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हफ्ते में दो दिन बुधवार व शनिवार को हर सीएचसी व पीएचसी पर टीकाकरण का कैंप लगाया जाता है।
साथ ही काम के अन्य दिनों में भी अगर कोई व्यक्ति इसका टीका लगवाने आता है तो उसे भी यह टीका लगाया जाता है, जो पूरी तरह से निशुल्क है।
इसके बावजूद जिले में कुछ एनजीओ इसका टीका लगाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इसके लिए टीकाकरण करने वाले इन एनजीओ के पास न तो प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर से जारी किया गया कोई पत्र है और न ही अन्य अभिलेख।
बतौर सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, उनके पास हेपेटाइटिस के टीके से संबंधित कई फोन आए। जिसमें लोगों ने उन्हें बताया कि कुछ लोग गांव-गांव जाकर हेपेटाइटिस का टीका लगाते हैं और टीके के नाम पर 100 व 200 रुपये की वसूली भी करते हैं।
इस पर जब उन्होंने मामले की जांच कराई तो पता चला कि स्वास्थ्य विभाग से हेपेटाइटिस के टीकाकरण के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य का न तो कोई आदेश है और न ही किसी एनजीओ को इसके लिए आदेशित किया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अलावा जो भी लोग इसका टीकाकरण गांव-गांव घूमकर कर रहे हैं, वह पूरी तरह से गलत है।