गोंडा। आग हो, चक्रवात हो या फिर किसी तरह की आपदा, तहसील सदर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेेट आईएएस सूरज पटेल ने नई पहल शुरू की है। आपदा से जुड़े मामलों की समीक्षा करके आर्थिक मदद का बीड़ा उठाया है। शनिवार को तहसील दिवस में जन सुनवाई के बाद उन्होंने राहत देने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पुलिस महानिरीक्षक डॉ. राकेश सिंह के हाथों से तालाब में डूबने से मृतक के आश्रित को चार लाख रुपये का चेक दिलाया। साथ ही सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह की मांग पर तहसील सदर में अग्निकांड के प्रभावित परिजनों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए सूची विकास विभाग को भेजी है।
तहसील में आईएएस अधिकारी सूरज पटेल ने ऐसे लोगों को राहत देने का मिशन शुरू किया है जोकि किसी आपदा के शिकार हुए हैं। उन्होंने बैजपुर गांव के रामफेर को चार लाख की राहत सहायता उपलब्ध कराई। आईजी के हाथों आर्थिक मदद दिलाया और लाभार्थी रामफेर से कहाकि धनराशि का सदुपयोग करें। लाभार्थी के पिता की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। उन्होंने सदर तहसील के पांचों ब्लाक के दो सौ से अधिक ऐसे गरीबों की सूची तैयार कराई है जिनके घर अग्निकांड में जल गए हैं।
एसडीएम का मानना है कि ऐसे लोगों को आवास योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए। सदर विधायक प्रतीक सिंह की मांग पर उन्होंने अपनी संस्तुति विकास विभाग को भेजी है। तहसील के लेखपालों को निर्देश दिया है कि गरीबों की समस्याओं को तत्काल गंभीरता से लें और निराकरण कराएं। आपदा से प्रभावितों की सूचना तत्काल दें और इसकी रोज जानकारी वह स्वयं करेंगे। जिससे समय से राहत दी जा सके। एसडीएम की इस पहल से तहसील के पात्रों के चेहरे पर मुस्कान आएगी। कार्यक्रम में नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, सीओ लक्ष्मीकांत गौतम, तहसीलदार पुष्कर मिश्रा, निजी सचिव वीरेंद्र बहादुर आदि रहे। संवाद