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Gonda News: झोलाछाप के जाल में फंसी सेहत, मौत के बाद भी नहीं जागा महकमा

Wed, 25 Mar 2026 08:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। जिले में झोलाछाप का जाल फैला हुआ है। गांव-गांव और मोहल्लों में खुलेआम क्लीनिक चल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इलाज में लापरवाही से मौत होने के बाद भी न तो अभियान चलाया गया और न ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई।
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स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज कराने से महकमा पीछे हटता नजर आ रहा है। ऐसे में झोलाछाप बेखौफ होकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। वजीरगंज के हजरतपुर निवासी रामचरन को बीते 14 नवंबर मामूली बुखार और बदन दर्द था। परिजनों ने उन्हें एक निजी क्लीनिक में दिखाया, जहां कथित डॉक्टर के इलाज के बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। सीएचसी ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इसी तरह नवाबगंज के किशुनदासपुर निवासी रामकरन वर्मा को भी 17 फरवरी को झोलाछाप के इलाज का खामियाजा जान देकर चुकाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि गलत इलाज के बाद हालत बिगड़ी और अयोध्या ले जाते समय उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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बंद होने के बाद फिर खुल गए क्लीनिक
मुजेहना के कुतुबगंज बाजार में अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर फिर से संचालित होने लगे हैं। शिकायतकर्ता राजकुमार सिंह का आरोप है कि बिना लाइसेंस के क्लीनिक चलाने के साथ ही नशीली दवाओं की बिक्री भी हो रही है। खास बात यह है कि पहचान छिपाने के लिए यहां कोई बोर्ड या बैनर तक नहीं लगाया गया है।
हर गली-मोहल्ले में फैल चुका जाल
नवाबगंज, वजीरगंज, बेलसर, करनैलगंज, कटरा बाजार, बभनजोत, आर्यनगर और गोपालबाग जैसे क्षेत्रों में झोलाछाप ने जड़ें जमा ली हैं। सीमित जानकारी और सस्ते इलाज के लालच में लोग इनके पास पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।
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जल्द चलेगा अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाती है और जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।
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