फोटो-24 गोंडा में छपिया के वीरपुर पीएचसी पर मरीजों को परामर्श देते डॉक्टर। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच, इलाज व दवाओं की सुविधा मुहैया कराने के लिए आयोजित स्वास्थ्य मेला खानापूर्ति तक ही सीमित रह गया। कहीं डॉक्टर नदारद रहे तो कहीं दवाएं नहीं मिल पाई। अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर दोपहर तक मरीज नहीं पहुंचे।
रविवार को जिले के 52 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विभिन्न प्रकार की जांच की जानी थी, लेकिन कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ा। बेलसर के सोनौली मोहम्मदपुर में दोपहर तक मात्र सात मरीज स्वास्थ्य मेले में पहुंचे। यहां आई एक गर्भवती की खून जांच व अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। माधवपुर पीएचसी पर 33 मरीज देखे गए। कई लोगों को दवाएं नहीं मिल पाई। मेले में आई आंगनबाड़ी कर्मी गर्मी के कारण बेहोश हो गई। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया के मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर, बभनान में कुल मिलाकर 112 मरीजों का उपचार करने का दावा किया गया। वहीं मात्र 14 मरीजों की खून व अन्य जांच की गई। वीरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर ड्यूटी कर रहे डॉ. पवन पटवा ने बताया कि मेले में अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त व डायरिया के लक्षण वाले रहे। यहां डॉ. डीसी वर्मा, डॉ. आदिल, डॉ. पवन पटवा, फार्मासिस्ट रमेश यादव, अवधेश कुमार शुक्ल आदि रहे।