गोंडा के बालपुर में राम जन्म भूमि पर फैसला आने के बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाते दोनो समुदाय के लोग।
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गोंडा। वर्षों से चल रहे अयोध्या विवाद पर शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला आते ही सभी ने राहत की सांस ली। न्यायालय के निर्णय की सभी लोगों ने सराहना की और अमन-चैन के लिए एक-दूसरे के गले मिलकर बधाइयां दी। हिंदू व मुस्लिम पक्ष के लोगों ने कहा कि राम-रहीम, अदम-असगर व जिगर मुरादी की धरती पर एक ऐसी खाईं बन गई थी जिसका पटाक्षेप हो गया और अब विकास को नए पंख लगेंगे। लोगों ने एक-दूसरे को सौहार्द को कायम रखने तथा गंगा-जमुुनी तहजीब को बनाए रखने की दुआएं मांगी। न्यायालय के निर्णय को लेकर प्रशासन की ओर से भी किसी प्रकार की ढील नहीं दी गई। डीएम, एसपी सहित सभी अधिकारियों को भ्रमणशील रखा गया। चप्पे-चप्पे पर फोर्स को तैनात किया गया था।
प्रशासनिक तैयारियों के बीच लोगों ने राहत महसूस की। रोज की तरह लोगों की आवाजाही रही। हिदायतन प्रशासन ने फोर्स की तैनाती की थी। दूसरा शनिवार पड़ने के कारण सड़क पर उतनी भीड़ नहीं दिखी लेकिन आम दिनों की तरह लोग काम करते देखे गए। निर्णय आने के समय दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा दिखा कारण लोग टीवी पर निर्णय सुनने को आतुर दिखे। वजीरगंज में एक ही घर में बैठकर हिंदू व मुस्लिम समाज के लोगों ने निर्णय का स्वागत किया। बालपुर में निर्णय आने के बाद हिंदुओं ने मुस्लिम भाइयों को तो मुस्लिम भाइयों ने हिंदुओं को मीठा खिलाकर न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। सभी ने माना कि यह सौहार्द कायम रखने वाला निर्णय था। जो खाईं हम लोगों के बीच पनपी थी वह खत्म हो गयी है। अब विकास की धारा बहेगी।
नदियों के घाटों से लेकर मार्गों पर रही पैनी नजर
प्रशासन अयोध्या जाने वाले सभी मार्गों पर पैनी नजर रख रहा था। उमरी बेगमगंज, पटपरगंज, दुर्गागंज माझा सहित अन्य स्थानों पर सरयू नदी के घाटों पर फोर्स व अधिकारियों की तैनाती की थी। नदी पार कर आने जाने वाले लोगों से परिचय व जानकारी जुटाती रही। लोगों से आने-जाने का कारण पूछती रही। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल, एसपी आरके नैयर, डीआईजी डॉ. राकेश सिंह, कमिश्नर महेंद्र कुमार, आईजी जोन ने पूरे जिले का भ्रमण किया और लोगों की सलामती के साथ सौहार्द बनाए रखने की अपील करते रहे।
रेलवे, बस स्टेशनों पर चलाया चेकिंग अभियान
सुप्रीम निर्णय आने से पहले व बाद में भी फोर्स ने जगह-जगह सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों पर जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस ने डाग स्क्वॉयड के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसी आम यात्री को दिक्कत न हो इसका भी ख्याल रखा गया। बस स्टेशन पर निजी वाहनों की आवाजाही कम रही, लेकिन रोडवेज बसों व आने जाने वालों पर प्रशासन ने कड़ी नजर रखी थी।