गोंडा। जिले में महिला सशक्तीकरण को नई पहचान देने के उद्देश्य से प्रशासन ने अभिनव पहल की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ब्लॉक मुख्यालयों पर निर्मित मॉडल आवासों को अब “ज्ञान आवास” थीम पर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में नौ ब्लॉकों में नौ देवियों के नाम से इन आवासों की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करना है। इसका औपचारिक शुभारंभ आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर किया जाएगा।
डीएम प्रियंका निरंजन के मार्गदर्शन में सीडीओ अंकिता जैन की पहल पर दो कमरों के मॉडल आवासों में एक कक्ष को “ज्ञान कक्ष” के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां बच्चों के अध्ययन के लिए पुस्तक, प्रेरक संदेश, शैक्षिक सामग्री और अनुकूल अध्ययन वातावरण उपलब्ध रहेगा। दूसरा कक्ष “प्रेरणा कक्ष” होगा, जो महिला सशक्तीकरण, पोषण जागरूकता और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
प्रेरणा कक्ष के माध्यम से महिलाओं को लघु उद्यम से जोड़ा जाएगा। इससे परिवारों का पोषण स्तर बेहतर होगा और महिलाओं को घरेलू स्तर पर आय के अवसर प्राप्त होंगे। योजना का संचालन चयनित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जो प्रशिक्षण, उत्पाद निर्माण और विपणन में सहयोग देंगे। योजना की टैगलाइन एक कक्ष में ज्ञान का दीप और दूसरे कक्ष में स्वावलंबन की जीत शिक्षा व आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश देती है।
पंचायतों में 101 गोनार्द मार्ट, समूहों को रोजगार
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देशन में पंचायत स्तर पर 101 ‘गोनार्द मार्ट’ भी स्थापित किए जा रहे हैं। सामुदायिक शौचालय परिसरों में एक-एक दुकान विकसित की गई है, जिनका संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी इन्हीं समूहों को सौंपी गई है। इसके बदले प्रत्येक समूह को छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। इन मार्ट में दैनिक उपयोग की वस्तुएं, स्वच्छता उत्पाद, पोषण सामग्री और स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा।
छात्राओं को मिलेगा तकनीक का ज्ञान
शिक्षा क्षेत्र में भी नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। झंझरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब संचालित हो रही है। अन्य विद्यालयों में भी एआई शिक्षा शुरू करने की तैयारी है। यहां छात्राओं को कोडिंग, कम्प्युटेशनल थिंकिंग और प्रोग्रामिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा और रोजगार के समन्वय से जिले में महिला सशक्तिकरण को गति मिलेगी।
शिक्षा के साथ ही स्वावलंबन को मिलेगा आधार
डीएम प्रियंका निरंजन का कहना है कि महिला दिवस पर इस बार कुछ अलग करने की थीम तैयार की गई है। इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा के साथ ही स्वावलंबन को नया आधार मिलेगा। यह एक बेहतर पहल है। सीडीओ अंकिता जैन का कहना है कि महिलाओं को सशक्त व स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। इससे समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। साथ ही शिक्षा का दीप जलेगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को इससे फायदा होगा।