नवाबगंज। कटरा शिवदयालगंज बाजार में श्री अवध रामलीला समिति द्वारा आयोजित श्री रामलीला महोत्सव का समापन बुधवार देर शाम भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुआ।
दोपहर में निकाली गई पारंपरिक शोभायात्रा और संध्याकाल में मंचित भरत मिलाप एवं राजतिलक की लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1958 से निरंतर आयोजित हो रहे इस रामलीला महोत्सव में नारद मोह से लेकर राज्याभिषेक तक की लीलाओं का मंचन किया जाता है।
महोत्सव के अंतिम दिन निकाली गई शोभायात्रा रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर कनकपुर प्रधान राघवेंद्र प्रताप सिंह, समाजसेवी डॉ. उमेश प्रताप सिंह और सूरज लाल यादव के आवास तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद यात्रा अयोध्या धाम स्थित पावन सरयू के तट पर पहुंची, जहां विधिवत आरती और पूजन सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात शोभायात्रा पुनः महोत्सव स्थल पर लौटी।
देर शाम को भरत मिलाप का मंचन हुआ, जिसमें भरत जी ने गुरु वशिष्ठ और मंत्रियों की उपस्थिति में प्रभु श्रीराम को अवध का राज्य सौंपने की घोषणा की। गुरु वशिष्ठ द्वारा भगवान श्रीरामचंद्र का राजतिलक कराया गया। इस दौरान रंगबिरंगी आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा और प्रसाद स्वरूप फल-मिष्ठान का वितरण किया गया। समापन के क्षण में भावनाओं से भरे श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। महोत्सव को सफल बनाने में विपिन सिंह, डॉ. उमेश, डॉ. सत्येंद्र सिंह, सुदीप भूषण सिंह, राजेंद्र गुप्त, इंद्रपाल कसौधन, गौरीशंकर, रजनीश, त्रेता नाथ, अनूप, अमित, बसंत लाल, विनोद, शुभम, सरवन, ओमप्रकाश, आनंद आदि का योगदान रहा।