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गड़बड़झाला : पढ़ाई के लिए गोंडा का पता, नौकरी के लिए मैनपुरी का

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गोंडा। प्रदेश के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला के एकेडमिक रिकॉर्ड से विज्ञान शिक्षिका के नियुक्ति के मामले में गोंडा कनेक्शन में नया खुलासा सामने आया है। गोंडा में कस्तूरबा गांधी स्कूल में विज्ञान शिक्षका के लिए वर्ष 2019 में किए आवेदन में मैनपुरी जिले का पता दर्शाया गया है, जबकि हाईस्कूल से इंटर तक के आवेदन में शहर के सेमरा दम्मन का पता लिखा है। अमर उजाला ने सोमवार को प्रदेश में बहुचर्चित अनामिका मामले की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सर्व शिक्षा अभियान में वर्ष 2019 में हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के आवेदन में अनामिका शुक्ला के नाम से आवेदन हुआ था।
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हाल ही में रायबरेली जिले में अनामिका शुक्ला के नाम से कस्तूरबा स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के पद पर फर्जी नियुक्ति के खुलासे के बाद 25 जिलों में ऐसे ही चयन का मामला उजागर हुआ। शुरू हुई पड़ताल में अनामिका शुक्ला के गोंडा जिले से स्नातक तक की शिक्षा हासिल किए जाने की बात सामने आई। अमर उजाला ने रविवार को पड़ताल करने बाद खुलासा किया था कि अनामिका शुक्ला ने जिले के तीन स्कूलों से स्नातक की शिक्षा हासिल की थी। सोमवार को आगे की पड़ताल में और कई तथ्य सामने आए। अनामिका शुक्ला ने हाईस्कूल की शिक्षा शहर के कस्तूरबा गांधी इंटर कॉलेज रेलवे कॉलोनी से वर्ष 2007 में हासिल की।
यहां से टीसी हासिल किया, जिसमें पता गोंडा के रेलवे स्टेशन के पीछे सेमरा कॉलोनी की निवासी दर्ज है, पता के रूप में बी- 47, 2 सेमरा कॉलोनी गोंडा दर्ज है। इसी के आधार पर परसपुर के बेनीमाधव जंग बहादुर इंटर कॉलेज परसपुर में कक्षा 11 में वर्ष 2008 में प्रवेश लिया और वर्ष 2009 में इंटर पास किया। यहां से भी वर्ष 2009 में टीसी हासिल किया और सेमरा कॉलोनी का ही पता लिखा था। यहां से स्नातक सिविल लाइंस स्थित रघुकुल विद्यापीठ से बीएससी की परीक्षा वर्ष 2012 में पास किया। अनामिका पढ़ाई में तेज थी और प्रथम स्थान हासिल करके परीक्षा पास की। इसके बाद आंबेडकर नगर से बीएड करने के बाद यूपी टीईटी भी पास की। वर्ष 2019 में जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में भर्ती निकली तो आवेदन भी किया। आवेदन में पता मैनपुरी जनपद का दर्शाया, वह मेरिट में टाप पर थी लेकिन काउंसलिंग नहीं कराई। जिससे उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई।
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चयन के आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर दीप्ति सिंह के नाम का
अनामिका शुक्ला के आवेदन की पड़ताल में नई जानकारी सामने आई है। सर्व शिक्षा अभियान में आवेदन में प्रमाण पत्र तो गोंडा जिले के स्कूलों से हासिल किए ही लगे हैं, लेकिन पता मैनपुरी का मिला। आवेदन में मोबाइल नम्बर भी दर्ज है और दर्ज मोबाइल नम्बर को स्मार्ट फोन से र्टू कॉलर से चेक किया गया तो दीप्ति सिंह का नाम दर्शा रहा है। ऐसे में यह अहम जानकारी मिली की अनामिका के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया। उसके शैक्षिक रिकॉर्ड पर गौर करें तो अच्छे नंबर होने के कारण कहीं भी आवेदन में नाम चयन होना तय था। जिले में भी विज्ञान शिक्षिका की मेरिट में पहले नंबर पर थी।
शासन के निर्देश पर सभी शिक्षकों के अभिलेखों की होगी पड़ताल
अनामिका के शैक्षिक रिकॉर्ड पर बड़े पैमाने पर हुई फर्जी नियुक्तियों का मामला सामने आने पर सभी शिक्षकों के अभिलेखों की जांच शुरू हो रही है। शासन ने इसके आदेश जारी किए है, इसके बाद जिले के 17 स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों के अभिलेखों का सत्यापन कराने की तैयारी शुरू हो गई है। आवेदन के साथ लगे रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सभी शिक्षकों के रिकॉर्ड का सत्यापन उन बोर्डों और विश्वविद्यालय से होगी जहां से उन्होंने डिग्री हासिल की है। इसके अलावा पुलिस वेेरीफिकेशन की भी तैयारी हो रही है।
अनामिका का जिले में चयन नहीं हुआ था, आवेदन किया था। मामले की जानकारी होने पर जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मियों के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। सभी के अभिलेख का सत्यापन होगा।
-डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए
अनामिका के आवेदन में मैनपुरी जिले का पता दर्ज है और उसमें दर्ज मोबाइल नंबर र्टू कालर पर दीप्ति सिंह बता रहा है। विज्ञान शिक्षिका के पद में वह प्रथम नंबर पर थी लेकिन काउंसलिंग में प्रतिभाग नही किया।
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-रजनी श्रीवास्तव, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
अनामिका ने इंटर की पढ़ाई स्कूल से की है, हाईस्कूल की टीसी के आधार पर उसे प्रवेश दिया गया था। टीसी में पता सेमरा कॉलोनी का दर्ज है।
-बृजेश सिंह, प्रबंधक बीएमजेबी इंटर कॉलेज परसपुर
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