गोंडा। जिला चिकित्सालय के एक डॉक्टर की लापरवाही सोमवार को पूरे अस्पताल के स्टाफ पर भारी पड़ गई है। जिसमें एक महिला की आंख का ऑपरेशन डॉक्टर ने बिना जांच रिपोर्ट सामने आये ही कर डाला, बाद में वो महिला कोरोना पॉजिटिव निकली। अब जिला अस्पताल का अधिकांश स्टाफ परेशान है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की जल्दबाजी से पूरा स्टाफ परेशान हो गया है। महिला का सैंपल एक बार फिर से जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है।
कोतवाली देहात के वैरिया भुकरहा की एक महिला जिला अस्पताल में अपने आंख के ऑपरेशन के लिए इमरजेंसी में भर्ती हुई थी। उसकी जिला अस्पताल में ट्रू नेट्स मशीन से कोरोना की जांच के लिए सैंपलिंग कराई गई थी। लेकिन जल्दबाजी में नेत्र सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने महिला की केस हिस्ट्री ली और कुछ भी संदेहास्पद न मिलने पर उन्होंने महिला का ऑपरेशन कर डाला। ऑपरेशन के बाद अचानक जब महिला का ट्रू नेट्स मशीन से रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो इसके बाद पूरे जिला अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गये हैं।
ऑपरेशन के बाद मीटिंग में भी पहुंचे डॉ. पुनीत
बताया जा रहा है कि नेत्र सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने महिला का आपरेशन किया और फिर सीएमएस की ओर से बुलाई गई मीटिंग में भी पहुंच गये थे। इस मीटिंग में जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों को छोड़कर सभी डॉक्टर मौजूद थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब सभी डाक्टरों के साथ ही नेत्र रोग विभाग की ओटी में मौजूद स्टाफ और फार्मा स्टाफ में भी हड़कंप मचा हुआ है।
डॉक्टर को दिया गया नोटिस
महिला के आंख का ऑपरेशन करने में जल्दबाजी और लापरवाही करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत श्रीवास्तव के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। जब सैंपल निकाल लिया गया था तो थोड़ी देर इंतजार कर लेना चाहिए। हमने संबंधित डॉक्टर को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सीएमएस से भी इस बारे में जवाब मांगा गया है कि जब अस्पताल में ऑपरेशन के पहले जांच के लिए मशीन मौजूद है और सैंपलिंग भी कराई गई तो बिना जांच रिपोर्ट आये आपरेशन कैसे कर दिया गया।
-डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
लखनऊ कन्फर्मेशन के लिए भेजा जायेगा सैंपल
नेत्र रोग विभाग में इलाज के लिए एक महिला आई थी। उसका आपरेशन होना था, जिसके लिए वो इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुई थी। कोविड टेस्ट के लिए ट्रू नेट्स मशीन में जांच के लिए सैंपलिंग भी कराई गई थी। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले महिला का ऑपरेशन डॉक्टर ने कर दिया था। उसकी जांच रिपोर्ट को कन्फर्म करने के लिए फिर उसकी सैंपलिंग कराई गई और सैंपल लखनऊ भेजा गया है।
-डॉ अरूण लाल, सीएमएस जिला अस्पताल
कोरोना पॉजिटिव महिला की मरहम पट्टी कैसे होगी
जिला अस्पताल में जो लापरवाही सोमवार को एक डाक्टर की ओर से बरती गई उससे पूरा अस्पताल का स्टाफ परेशान है। अब कोरोना पीड़ित महिला की मरहम पट्टी एक बड़ी समस्या हो गई है। सीएमओ ने बताया कि महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी देखरेख की पूरी व्यवस्था कराई जा रही है।
करोड़ों की जांच मशीन पर सवालिया निशान
अभी पिछले सप्ताह ही करोड़ों की लागत से इमरजेंसी में जांच के लिए ट्रू नेट्स मशीन लगाई गई थी। करीब पांच दिन से इस मशीन से जांच की जा रही है। लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई थी। सोमवार को आई पहली पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद ही जिला अस्पताल ने सवालिया निशान लगा दिये हैं। जिस महिला की जांच कोरोना पॉजिटिव आई थी अब एक बार फिर से उसके कन्फर्मेशन के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। अब ऐसे में जिला अस्पताल में लगी जांच मशीन की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो गये हैं।