गोंडा। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने तरबगंज के बौरिहा में किसान गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में किसानों को धान की उन्नत खेती, हरी खाद के उपयोग और जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने धान की पौधशाला प्रबंधन, सीधी बोआई, हरी खाद की खेती और फसल अवशेष प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बोआई के लिए प्रति एकड़ केवल 12 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। यह तकनीक मल्टी क्रॉप सीडर मशीन से अपनाई जा सकती है। इससे पौध तैयार करने और रोपाई पर होने वाला खर्च बचता है, जिससे किसानों की लागत कम और लाभ बढ़ता है।
एडीओ कृषि धनंजय कुमार ने किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडार से अनुदानित दर पर उपलब्ध कृषि निवेशों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को हरी खाद के अधिकाधिक उपयोग की सलाह दी। बताया कि इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस दौरान ग्राम प्रधान मंजू सिंह, प्रगतिशील किसान अरविंद सिंह, उदय प्रताप सिंह, राम नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।