गोंडा। सभी के एकजुट प्रयास से ही कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में प्रदेश को काफी बेहतर परिणाम मिले हैं। इसके चलते ही पाजिटिव केस दर 17 फीसदी से घट कर दो फीसदी तक आ गयी है। अब संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर के दृष्टिगत प्रदेश सरकार बच्चों को सुरक्षा कवच देने की तैयारी में जुटी है।
जनप्रतिनिधियों को भी इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाने को आगे आकर एक एक अस्पताल गोंद लेना चाहिए ताकि सभी को बेहतर इलाज सुविधा मुहैया हो सके। यह आह्वान सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वह जिले में कोविड नियंत्रण कार्यों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महामारी की पहली लहर में टेस्ट व ट्रीटमेंट के इंतजाम नही थे, उसे विकसित किया गया। दूसरी बेव में संक्रमण अधिक होने से आक्सीजन की किल्लत आई, जिसे जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दूर किया गया है।
अब 80 हजार बेड प्रदेश में वेंटीलेटर व आक्सीजन युक्त हैं। तीसरी बेव में बच्चों पर खतरे की आंशका है, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अभिभावक स्पेशल बूथ के माध्यम से वैक्सीनेशन को और तेज किया जाएगा ताकि सभी बच्चों को सुरक्षा कवच मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 4.67 करोड़ से अधिक लोगों की कोविड जांच की गई है। सीएम योगी ने बताया कि बीते साल 2 अप्रैल 2020 को जब पहला केस प्रदेश में मिला था तो सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा गया था और संक्रमित को दिल्ली में भर्ती कराना पडा था।
लेकिन एक साल के दौरान ही भारत सरकार की मदद से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जांच से लेकर इलाज तक की बेहतर व्यवस्था प्रदेश के हर जिले में मुहैया करायी गयी है। हर दिन तीन लाख से अधिक लोगों की जांच की जा रही है।
उन्होंने माना कि दूसरी बेव में शुरुआत में संसाधनों की कमी से कुछ ज्यादा दिक्कत आई पर जल्दी ही सभी के साथ मिलकर व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से सीएचसी स्तर पर आक्सीजन प्लांट स्थापित करने में सहयोग किया।
प्रदेश में ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट के मंत्र पर कोरोना के खिलाफ चल रही जंग को पूरी सफलता के साथ आगे बढ़ाया गया। इससे न केवल संक्रमण की रफ्तार पर रोक लगी वरन रिकवरी दर भी बढ़ी है।
इसी कारण 30 अप्रैल 2021 तक जो एक्टिव केस 3.10 लाख थे और 24 अप्रैल को एक दिन में ही 38 हजार से अधिक केस सामने आए थे। वह घटकर अब 3900 हो गए हैं। वहीं कुल एक्टिव केस अब पूरे प्रदेश में 75 हजार रह गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियंत्रण के जल्दी और प्रभावी अभियान से गांवों और शहरों में निगरानी समितियों को सक्रिय करने के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार तीसरी बेव से मुकाबले की तैयारी में भी जुटी है। इसके लिए हर मेडिकल कालेज में 100 - 100 बेड के बाल व नवजात वार्ड तैयार कराए जा रहे हैं। जिला अस्पतालों में भी इसी तरह के 25- 25 बेड के विशेष वार्ड बना कर सीएचसी और हेल्थ सेंटरों को व्यवस्थित किया जा रहा है।