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44 करोड़ रुपये से बनेगा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज

Sun, 21 Aug 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की बुनियाद रखते मंत्री। - फोटो : अमर उजाला
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युवाओं को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। शहर के उतरौला रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में बनने वाले इस इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रदेश के कृषि मंत्री ने रविवार को विधिवत पूजन कर शिलान्यास किया।
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समाजवादी पार्टी की प्रदेश सरकार बनने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री ने जिले के युवाओं को इंजीनियरिंग कॉलेज का तोहफा देने का वादा किया था। मुख्यमंत्री के इस वादे से जिले के युवाओं ने अपने ही शहर में तकनीकी शिक्षा पाने के सपने संजोए थे। लेकिन इन युवाओं को इस कॉलेज के लिए चार वर्ष तक इंतजार करना पड़ा।

इन युवाओं की मांग को पूरा करते हुए प्रदेश सरकार ने आखिरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में जिले को इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात दे दी। शहर के उतरौला रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के परिसर में बनने वाले इस राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण 43 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।
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इस राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण के लिए रविवार को प्रदेश के कृषि मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने इसकी आधारशिला रखी। इस मौके पर कृषि मंत्री ने कहा कि कि जिले को इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात देकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने वादे को पूरा कर दिया है।

इस कॉलेज के निर्माण के साथ ही जिले के युवाओं को अपने घर में ही तकनीकी शिक्षा मिल सकेगी और वह अपने सपने को पूरा कर सकेंगे। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के कहा कि इसके निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए सरकार ने जुलाई 2018 तक की समय सीमा निर्धारित की है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो वर्ष 2018 से ही इस कॉलेज में छात्रों को दाखिला मिलने लगेगा।

उन्होंने बताया कि शासन ने इसके निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में 10 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि यह इंजीनियरिंग कॉलेज जिले में शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि इस कॉलेज के निर्माण से युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे और इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस मौके पर यूपी एग्रो के निदेशक साबिर अली, सूरज सिंह, कदीर पहलवान, कौशल विकास मिशन के डीपीएम प्रदीप मिश्र, शिक्षक संघ महामंत्री विनय शुक्ल समेत आदि मौजूद रहे। जिले में बनने वाले इस इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण 10 एकड़ जमीन पर कराया जाएगा। इसके लिए उतरौला रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में 10 एकड़ जमीन का सीमांकन किया गया है।

जिले में बनने वाले इस राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल व कंप्यूटर सहित कुल चार पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के मुताबिक प्रत्येक पाठ्यक्रम के 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार प्रथम सत्र में चारों पाठ्यक्रमों में कुल 240 छात्र प्रवेश ले सकेंगे। 
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