किसान इस बार भी अपना गेहूं बिचौलियों को बेचने को मजबूर होंगे। क्रय एजेंसियां किसानों से गेहूं खरीद बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इस बार जिले में करीब 68 लाख 56 हजार 608 क्विंटल गेहूं उत्पादन होने का अनुमान है।
क्रय एजेंसियां किसानों के गेहूं खरीद को शासन से मिलने वाले लक्ष्य का इंतजार कर रही हैं। मार्के टिंग से जुड़े जानकारों का कहना है कि क्रय एजेंसियों की मनमानी के कारण करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं बिचौलियों के हाथों में जाएगा। पिछले साल की तुलना में क्रय एजेंसियां अधिक गेहूं खरीद करने के मूड में नही हैं।
गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन क्रय एजेंसियां कंगाल हैं। मार्केटिंग विभाग का गेहूं खरीद की तैयारी का इससे अनुमान लगाया जा सकता है। बताया जाता है कि गेहूं खरीद शुरू करने के लिए प्रत्येक क्रय केंद्र को 17 लाख रुपये दिया जाना था। लेकिन अभी तक क्रय केंद्र प्रभारी ठन-ठन गोपाल हैं।
इस बाबत डिप्टी आरएमओ आरके सोनकर का कहना है कि पैसे के लिए सभी क्रय एजेंसियों के एमडी को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि कितना गेहूं क्रय किया जाना है, इसका अभी शासन से लक्ष्य नहीं आया है।
इनसेट
फैक्ट फाइल
गेहूं का संभावित उत्पादन - 68,56,608 क्विंटल
गेहूं की संभावित खरीद - 7,00,000 क्विंटल
इनसेट
क्रय एजेंसियों की गेहूं खरीद की तैयारी
क्रय एजेंसी खरीदा 2015 संभावित खरीद 2016
एफसीआई - 62,991 3,000
मार्केटिंग विभाग 7,43,740 7,00,000
नोट - गेहूं की मात्रा क्विंटल में है।