गोंडा। प्रतापगढ़ जिले में बारिश के दौरान भवन ढहने से छह लोगों की मौत के बाद जिले के जर्जर सरकारी भवनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पर कई सरकारी कार्यालय और स्कूल ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिनकी हालत खस्ता है। कई भवनों की दीवारों में सीलन है, छतें टपक रही हैं और उन पर पौधे तक उग आए हैं। इसके बावजूद इन भवनों में रोज कर्मचारी और आमजन का आना-जाना जारी है।
केस-1 : जर्जर भवन में संचालित हो रहा डीएसओ कार्यालय
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय पुराने और जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। भवन की छत पर बड़ा पीपल का पेड़ उग आया है। दीवारों में पेड़ की जड़ें फैल चुकी हैं और जगह-जगह घासफूस व काई जमी है। बरसात में छत से पानी टपकने की समस्या भी बनी रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन अब तक नए भवन या स्थानांतरण की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
केस-2 : नगर पालिका भवन की हालत भी चिंताजनक
नगर पालिका परिषद का भवन भी काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक विभिन्न कार्यों से पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में भवन की स्थिति को लेकर कर्मचारियों और आने वाले लोगों में चिंता बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था कराने की मांग की है।
केस-3 : स्कूल भवन में सीलन, छत पर भरता है पानी
कंपोजिट विद्यालय मालवीयनगर का भवन भी मरम्मत की मांग कर रहा है। विद्यालय की छत पर पानी भर जाता है और कई स्थानों पर पौधे उग आए हैं। दीवारों में सीलन बनी रहती है। बरसात के मौसम में अभिभावकों और शिक्षकों को भवन की स्थिति को लेकर चिंता रहती है। लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।
कंपोजिट विद्यालय मालवीयनगर का भवन भी मरम्मत की मांग कर रहा है। विद्यालय की छत पर पानी भर जाता है और कई स्थानों पर पौधे उग आए हैं। दीवारों में सीलन बनी रहती है। बरसात के मौसम में अभिभावकों और शिक्षकों को भवन की स्थिति को लेकर चिंता रहती है। लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।