लखनऊ। हसनगंज में पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक प्रसिद्ध नारायण सिंह के घर में 13 दिसंबर की देर रात असलहाधारी बदमाशों ने घुसकर लाखों की लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने गुपचुप ढंग से केस दर्ज किया और एक बदमाश व चार साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शुक्रवार को एक और बदमाश गोंडा निवासी रोहित यादव और उसे कारतूस सप्लाई करने वाले प्रयागराज निवासी मुकुल कुमार को नाका के होटल रामेष्ठ इन से गिरफ्तार किया गया है।
गोरखपुर निवासी प्रसिद्ध नारायण सिंह का घर पशुपालन विभाग कॉलोनी के पास है। उनके मुताबिक 13 दिसंबर की देर रात तीन बीच चार-पांच असलहाधारी बदमाश उनके घर की दीवार फांदकर घुस आए। बदमाशों ने उन्हें असलहे के बल पर बंधक बनाया। फिर दो लाख रुपये कैश, लाखों के जेवर, दो सूटकेस, एक ट्राॅली बैग, दो मोबाइल और ब्रेसलेट लूट ले गए थे। 14 दिसंबर को उन्होंने हसनगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामला हाई प्रोफाइल था तो पुलिस ने किसी को भनक तक नहीं लगने दी। गुपचुप ढंग से पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। 23 दिसंबर की रात पुलिस ने लुटेरे पवन, साजिशकर्ता अशफाक, तारिक, शीश और उज्ज्वल सिंह को गिरफ्तार कर लाखों का माल बरामद किया। सूत्र बताते हैं कि अशफाक पशुपालन विभाग में कर्मचारी है। बदमाशों ने प्रसिद्ध नारायण सिंह के घर से करीब 20- 22 लाख रुपये का माल लूटा था।
होटल में मिली लुटेरे की लोकेशन
शुक्रवार रात पुलिस को सर्विलांस से पता चला कि एक बदमाश चारबाग स्थित रामेष्ठ इन के कमरा नंबर 707 में ठहरा है। हसनगंज पुलिस ने वहां दबिश देकर गोंडा के बिरवा कौड़िया निवासी बदमाश रोहित यादव और उसके साथी प्रयागराज के घोसियाना महारानीगंज निवासी मुकुल कुमार उर्फ शशांक को गिरफ्तार किया। रोहित के पास से 8610 रुपये, 315 बोर का तमंचा और मुकुल के पास से छह कारतूस बरामद हुए। मुकुल ने बताया कि दो साल पहले गोंडा जेल में उसकी रोहित से मुलाकात हुई थी। वह रोहित को कारतूस देने आया था।
रोहित ने कबूली लूट की घटना
आरोपी रोहित ने पूछताछ में बताया कि 13 दिसंबर की रात पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक के घर लूटपाट में उसके साथ पवन, बाराबंकी के बड्डूपुर निवासी अभिषेक और मारूफ शामिल थे। वह लोग लूटपाट करने कार से पहुंचे थे। पवन कार में ही रुक गया था। रोहित, अभिषेक और मारूफ अंदर घुसे थे। वारदात में शामिल साजिशकर्ता मड़ियांव के अजीजनगर निवासी राजा उर्फ समी अहमद अभी भागा हुआ है। आरोपी रोहित ने बताया कि लूट को अंजाम देने के बाद वह लोग बीकेटी निवासी उज्ज्वल सिंह के कमरे पर गए थे। वहां आपस में रुपये बांट लिए थे। उसे 50 हजार रुपये मिले थे। बाकी बचा हुआ माल राजा ने अपने पास रख लिया था। आरोपी रोहित वारदात के बाद नेपाल भाग गया था।