गोंडा। गुजरात के राजकोट में आयोजित होने वाली महिला रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश टीम में गोंडा की होनहार ऑलराउंडर अंशु तिवारी का चयन भी हुआ है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची अंशु ने इस उपलब्धी से जिले का मान बढ़ाया है। मंगलवार को वह टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए गुजरात रवाना हुई।
शहर के दुखहरणनाथ मंदिर के पास कैलाशपुरी कॉलोनी निवासी एलआईसी अभिकर्ता हरिश्चंद्र तिवारी की बेटी अंशु तिवारी ने अपनी प्रतिभा के दम पर यूपी रणजी टीम में जगह बनाई है। प्रतियोगिता छह से 18 फरवरी तक राजकोट में होगी, जिसमें उत्तर प्रदेश का मुकाबला ओडिशा, मध्य प्रदेश, असम सहित कई राज्यों की टीमों से होगा। टॉप ऑर्डर बैटिंग के साथ-साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी करने वाली अंशु से टीम को बड़ी उम्मीदें हैं। अंशु के पिता हरिश्चंद्र तिवारी ने बताया कि बेटी को क्रिकेट का जुनून नौ साल की उम्र से ही था। छोटी उम्र में ही उसने बल्ला थाम लिया था। स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उसने कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
उम्मीदें टूटीं, पर हौसले नहीं
अंशु का सफर आसान नहीं रहा। वर्ष 2019 में उसके भाई सत्यम तिवारी सड़क दुर्घटना में दिव्यांग हो गए, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। इसके बावजूद पिता ने बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया। बाद में लखनऊ में रहने वाले एक रिश्तेदार ने अंशु को अपने पास रखकर प्रशिक्षण दिलाने में मदद की। महिला टी-20 टीम में पहली बार चयन न होने पर अंशु निराश हुई, लेकिन उसने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। उसकी मेहनत व लगन आखिरकार रंग लाई और रणजी टीम में उसका चयन हुआ। अंशु की उपलब्धि पर उसके कोच विनय त्रिपाठी, साक्षी तिवारी, राम नरेश तिवारी सहित अन्य लोगों ने खुशी जताई।