गोंडा के जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल के लोकार्पण के बाद अधिकारियों को संबोधित करते सीएम योगी ?
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गोंडा। प्रदेश में अब नोएडा के बाद गोंडा का नाम होगा, चौंकिए नहीं... सच है कि कोरोना से जंग के लिए गोंडा प्रदेश का दूसरा जिला सबसे सशक्त जिला बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा ट्रस्ट और बिल गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से बने 300 बेड वाले कोविड-19 हॉस्पिटल का शुभारंभ कर सशक्त गोंडा का तमगा जिले को दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंडल के तीन जिलों में मेडिकल कॉलेज होंगे।
मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए अपना दर्द भी कह डाला। किस तरह प्रदेश में उस समय सीमित संसाधन थे सिर्फ लखनऊ केजीएमयू में एकमात्र टेस्टिंग लैब मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू की जा सकी। जांच की संख्या सीमित होने से संक्रमितों की पहचान मुश्किल थी। उन्होंने तब से लेकर अब तक 200 लैब की स्थापना और जांच का दायरा 60 से बढ़ाकर करीब डेढ़ लाख तक ले जाने की दास्तां भी संक्षेप में सुनाई। उन्होंने संदेश दिया कि कोई भी जंग जज्बे और हौसले से जीती जा सकती है। गोंडा के स्थानीय विधायक का 36 घंटे लगातार दो अक्तूबर को आयोजित विधानसभा में उपस्थिति का उदाहरण पेश किया कि ऐसे ही हौसले से ही जीत की दिशा मिलती है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, गरीबों और प्रवासियों के लिए किए गये कार्यों का जिक्र करते हुए 1947 से 2016 तक की सरकारों के कामकाज पर सवाल भी उठाए, कहा कि देवीपाटन मंडल में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था, अब तीन मेडिकल कॉलेज होंगे। उन्होंने कहा कि 1947 से 2016 तक प्रदेश में सिर्फ 20 मेडिकल कॉलेज थे अब 30 नए मेडिकल कालेज और बनवाए गये हैं। तीन नए एम्स खोलने की बात कहते हुए स्वस्थ प्रदेश का नारा तो बुलंद किया। पूरे संबोधन में उन्होंने हर बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना की और जनप्रतिनिधियों के योगदान का उल्लेख कर उन्हें सराहा।
शाबाशी के साथ ही कोरोना पर नियंत्रण का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के लिए शाबाशी दी तो कोरोना कंट्रोल के लिए सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने सधे अंदाज में कहा कि लापरवाही न होने पाए। डोर टू डोर जांच कराई जाए, कोई संक्रमित मिले तो 24 घंटे में कांटेक्ट ट्रेसिंग कर सभी की जांच हो। पॉजिटिव मिले लोगों को 48 घंटे में अस्पताल में भर्ती कराएं, होम आइसोलेशन बिना सत्यापन के न करें। पता करें कि मरीज के पास अलग कमरा और शौचालय आदि है या नहीं। उसे आवश्यक संसाधन क्रय करने की स्वीकृति कराएं और दवा कि किट देकर ही होम आइसोलेट कराएं। उन्होंने सावधान भी किया कि हरारत और जुकाम-बुखार को कोई बरसात या अन्य वजह से न ले। तत्काल जांच कराए और उसे इलाज की सुविधा दी जाए।