जीएसटी पोर्टल पर जिस फर्म ने महज एक महीने में 10.16 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दिखाया, जांच में उसका मौके पर कोई अस्तित्व नहीं मिला। घोषित पते पर न कार्यालय मिला और न कारोबार से जुड़ी कोई गतिविधि। आसपास के लोगों ने भी फर्म और उसके संचालक के बारे में जानकारी होने से इन्कार किया। राज्य कर विभाग की जांच के बाद पुलिस ने कुशीनगर के पडरौना निवासी फर्म संचालक मनोज कुमार के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राज्य कर अधिकारी अशोक कुमार शर्मा की तहरीर के अनुसार सर्वश्री कुमार ट्रेडर्स के नाम से छह जुलाई 2026 को जीएसटी पंजीकरण कराया गया था। फर्म का व्यावसायिक पता 237, ग्राउंड फ्लोर, तरबगंज-अमदही-महनहा रोड, तिवारी बाजार, पोस्ट चंदीपुर पथार, गोंडा दर्ज किया गया था। फर्म में किताबें, समाचार पत्र और बच्चों की चित्रकारी, ड्राइंग व रंग भरने की किताबों का कारोबार दर्शाया गया था।
पंजीकरण में बिजली बिल और किरायानामा समेत दस्तावेज लगाए गए थे, जिन्हें विभाग ने जांच में कूटरचित बताया। जीएसटी पोर्टल की जांच में जुलाई की विवरणी में करीब 10.16 करोड़ रुपये की बाहरी आपूर्ति दिखाई गई। इसके एवज में फर्म ने 1.82 करोड़ रुपये की आईटीसी का दावा किया।
लेनदेन संदिग्ध मिलने पर एक सितंबर को विभागीय टीम ने घोषित पते का निरीक्षण किया। वहां फर्म का कार्यालय, बोर्ड, माल या कोई कारोबारी गतिविधि नहीं मिली। आसपास के लोगों ने भी फर्म के संचालन की पुष्टि नहीं की। पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क का प्रयास भी असफल रहा।
विभाग का आरोप है कि वास्तविक खरीद-बिक्री के बिना कागजी लेनदेन दिखाकर आईटीसी का अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया। पुलिस ने दस्तावेजों, विवरणियों, खरीद-बिक्री के अभिलेख और संबंधित फर्मों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।