फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: गांवों में बढ़ रहा बाढ़ का पानी

Tue, 08 Sep 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज। सरयू का पानी माझा क्षेत्र में लगातार फैलने से ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल में पड़ गई है। गांवों में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। दत्तनगर, साकीपुर, ब्योंदा, दुल्लापुर और माझाराठ के कई मजरे पानी से घिरे हैं। गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर पानी भरने से आवागमन बाधित है। कहीं कमर तक पानी है तो कहीं सड़क कट गई है। दुल्लापुर के प्रभावित मजरों के बच्चे मंगलवार को स्कूल नहीं जा सके। ग्रामीण जरूरी काम के लिए पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं।
विज्ञापन

दुल्लापुर के रामनाथ पुरवा, पुरबिहन पुरवा में हालात ज्यादा खराब हैं। गोंडा-अयोध्या हाईवे से गांव तक जाने वाला करीब एक किलोमीटर रास्ता पानी में डूब गया है। मुख्य मार्ग पर कई जगह कमर तक पानी है। सड़क कटने से आवागमन का संकट और बढ़ गया है। साकीपुर, गोकुला, तुलसीपुर, महंगूपुर, रघुनाथपुर, जैतपुर और दुर्गागंज के मजरों में भी पानी तेजी से फैल रहा है।
बाढ़ का पानी खेतों में भरने से सब्जी किसानों को काफी नुकसान हुआ है। लौकी, भिंडी और तोरिया की फसलें जलभराव में गलने लगी हैं। तैयार फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता है। खेत डूबने से मवेशियों के चारे का संकट भी गहरा गया है।
विज्ञापन

दत्तनगर स्थित ढेमवा चौकी के पास तेज बहाव से कटान बढ़ रहा है। चौकी परिसर के उत्तरी हिस्से की जमीन कटने से बिजली का एक पोल गिर गया। मिट्टी कटने से टिन शेड का हिस्सा भी टूट गया है। चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
उमरी बेगमगंज क्षेत्र के ऐली, परसौली, गढ़ी, परास, जबरनगर और बहादुरपुर समेत कई गांवों में भी बाढ़ का असर है। घरों में पानी पहुंचने पर कुछ परिवार मवेशियों समेत सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई परिवारों ने गृहस्थी का सामान तख्त और मचान पर रख दिया है। प्रशासन की ओर से लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। नल-हैंडपंप डूबने के कारण पेयजल और चारे का संकट भी बढ़ गया है।

खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर है सरयू
करनैलगंज। एल्गिन ब्रिज पर मंगलवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 48 सेंटीमीटर ऊपर है। नकहरा के नौ और चंदापुर किटौली के पांच मजरे दो तरफ से पानी से घिर गए हैं। बहुवन मदार माझा, माझा रायपुर और नकहरा में करीब 250 एकड़ कृषि भूमि भी प्रभावित है। गन्ना, धान, मक्का और सब्जियों की फसल डूब गई है। बाढ़ खंड के अनुसार मंगलवार सुबह कुल डिस्चार्ज 3,82,328 क्यूसेक रहा। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य के अनुसार डिस्चार्ज में मामूली कमी आई है और पानी का निकास सुचारु है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें