खनन के एक मामले में पीड़ित से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सोमवार को देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने बड़ी कार्रवाई की है। बहराइच के मोतीपुर थाने के उपनिरीक्षक अमरेश गिरि और मुख्य आरक्षी शैलेंद्र यादव को आईजी के निर्देश पर निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
बहराइच जिले के मोतीपुर थाना के बेगमपुरवा मटेही कला गांव निवासी निजामुद्दीन ने आईजी देवीपाटन परिक्षेत्र के भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसके बेटी की शादी थी। इसलिए 7 जनवरी 2026 को वह अपने घर के सामने गड्ढे को भरने के लिए कुनियाघाट से ठेला गाड़ी मिट्टी भरकर ला रहा था तभी रात करीब 11:00 बजे मोतीपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक अमरेश गिरि व मुख्य आरक्षी शैलेंद्र यादव ने ठेला गाड़ी रोक लिया और उससे 30 हजार रुपये की मांग की। पैसा न देने पर खनन के केस में जेल भेजने की धमकी दी। ऐसे में पीड़ित ने 30 हजार रुपये उधार लेकर दिए।
आईजी ने भ्रष्टाचार निरोधी सेल से गोपनीय जांच कराई तो प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले की जांच सीओ मिहींपुरवा से कराई तो आरोपी सही पाए गए। आईजी अमित पाठक ने बताया कि आरोपी उपनिरीक्षक व मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।