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Gonda News: इंस्पायर अवार्ड योजना में गोंडा के स्कूल पिछड़े

Tue, 02 Sep 2025 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। जिले के परिषदीय व माध्यमिक स्तर के निजी व राजकीय स्कूल इंस्पायर मानक अवार्ड योजना में फिसड्डी साबित हुए हैं। आलम यह है कि प्रदेश के साथ ही देवीपाटन मंडल में भी जिले की रैंकिंग सबसे खराब है। जबकि योजना के तहत भारत सरकार की ओर से बच्चों में नवाचार व वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ ही स्कॉलरशिप देने व जापान में प्रोजेक्ट पेटेंट कराने में भी मदद की जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की स्थानीय समस्याओं पर समझ के साथ ही उन्हें दूर करने के उपाय पर आधारित नवाचार व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने के लिए इंस्पायर मानक अवार्ड योजना के तहत आवेदन लिए जा रहे हैं। सरकार की ओर से 15 सितंबर तक आवेदन का मौका दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के साथ ही माध्यमिक के सभी बोर्डों के स्कूलों से पांच-पांच बच्चों के गुणवत्ता परक प्रोजेक्ट के साथ योजना में आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। बच्चों के विचार व प्रोजेक्ट का जिले स्तर पर चयन के बाद उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर दिया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित होने पर बच्चों को 10 हजार रुपये और राज्य स्तर पर 25 हजार रुपये स्कॉलरशिप के तौर पर प्रोत्साहन की भी व्यवस्था है। जिले, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ ही पहचान पाने में भी मदद मिलेगी। मगर जिले के निजी, सहायता प्राप्त व राजकीय स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब है। बीते 31 अगस्त की प्रगति रिपोर्ट में इंस्पायर मानक अवार्ड योजना की प्रदेश की रैंकिंग में जिले काे 71वां स्थान मिला है। बताया जा रहा है कि निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की ओर से सरकार की योजना में शिथिलता बरती जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि योजना से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। योजना में प्रगति लाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद सुधार न होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक स्कूल से पांच-पांच बच्चों का होना है नामांकन
जिले में बेसिक व माध्यमिक स्कूलों को मिलाकर कुल 7400 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया है। मगर इसमें से 555 अभ्यर्थियों से ही नामांकन कराया गया है। यह लक्ष्य का कुल 7.78 प्रतिशत है। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) उत्तम कुमार ने बताया कि प्रत्येक स्कूल से पांच-पांच बच्चों के गुणवत्ता पूर्ण प्रोजेक्ट को शामिल किया जाना है। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया चल रही है।
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