गोंडा। स्वास्थ्य सेवाओं की जुलाई की रैंकिंग में गोंडा 75 जिलों में 72वें स्थान पर रहा। जिले का कंपोजिट स्कोर 0.45 है। पिछले माह के मुकाबले स्कोर में 24.44 प्रतिशत सुधार हुआ है, लेकिन जिले की कुल रैंकिंग में अभी खास बदलाव नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन को जिले की कमजोर कड़ी में शामिल किया गया है।
ब्लॉकवार प्रदर्शन में छपिया 0.74 स्कोर के साथ पहले, नवाबगंज 0.73 के साथ दूसरे और हलधरमऊ 0.73 के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके विपरीत गोंडा शहर का स्कोर 0.57, करनैलगंज का 0.63 और परसपुर का 0.68 रहा। ये जिले के सबसे कम स्कोर वाले ब्लॉक हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित प्रसव के सापेक्ष संस्थागत प्रसव में गोंडा 75 जिलों में 68वें स्थान पर है। जिले में सिर्फ 52.68 प्रतिशत प्रसव संस्थागत हुए। परिवार नियोजन में स्थायी विधि अपनाने की दर प्रति एक हजार योग्य दंपती पर महज 0.05 रही और जिले की रैंक 71वीं रही। सिजेरियन प्रसव के मामले में गोंडा 47वें स्थान पर रहा।
रिपोर्ट में गोंडा के कुछ संकेतक बेहतर भी हैं। अनुमानित गर्भवतियों के सापेक्ष एचआईवी जांच तथा चार या अधिक प्रसव पूर्व जांच के साथ ही हीमोग्लोबिन जांच में जिले को प्रदेश के 75 जिलों में पहली रैंक मिली है। पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 95.80 प्रतिशत रही। ब्लॉकवार रैंकिंग में छपिया, नवाबगंज और हलधरमऊ लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले ब्लॉक रहे। रिपोर्ट में पंडरीकृपाल की रैंक में पिछले महीने के मुकाबले सबसे अधिक सुधार दर्ज किया गया। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि रैंकिंग के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की जा रही है। जहां-जहां कमियां हैं, वहां काम करके सुधार किया जाएगा।