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वाशिंग पिट लाइन के लिए गोंडा रेलवे को मिले 216 करोड़

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गोंडा रेलवे के पूर्वी छोर पर बन रहा वाशिंक पिट लाइन। - फोटो : GONDA
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गोंडा। बहुत जल्दी ही गोंडा रेलवे स्टेशन से महानगरों के लिए यात्री ट्रेनों का व मेमो ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। अभी हाल में भारत सरकार के बजट में गोंडा नई वाशिंग पिट लाइन के लिए 216 करोड़ रुपया आवंटन किया गया है। इस वाशिंग पिट लाइन बनने से यात्रियों की ट्रेनों के कोचों की धुलाई व मरम्मत की जाएगी।
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बता दें एक फरवरी को भारत सरकार के वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में रेलवे को मिले बजट में गोंडा रेलवे यार्ड में नई वाशिंग पिट लाइन बनने के लिए 216 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस वाशिंग पिट लाइन के बन जाने से गोंडा रेलवे में एक अलग परिदृश्य हो जाएगा। जिस तरह से गोरखपुर और लखनऊ के स्टेशनों से अन्य जगहों के लिए ट्रेनों का संचालन किया जाता है।
उसी तरह से गोंडा में ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। जिसमें मेमो, डेमो व अन्य पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है। इस नई वाशिंग पिट लाइन बनने से गोंडा रेलवे में कर्मचारियों की संख्या में हजारों का इजाफा होगा साथ ही इस स्टेशन का महत्व अन्य महानगरों के स्टेशनों के तरह के श्रेणी में गिना जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया बजट का रकम मिलते ही कार्य बहुत तेजी से कराया जाएगा। जिससे गोंडा रेलवे स्टेशन का नक्शा बदल जाएगा।
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बदलेगा गोंडा रेलवे स्टेशन का परिदृश्य
गोंडा रेलवे यार्ड में वाशिंग पिट लाइन सबसे पहले 1960 में रेलवे स्टेशन के बगल बनी थी। उसके बाद बहराइच व लूप लाइन बलरामपुर छोटी लाइनों के लिए चलने वाली ट्रेनों के समय बहराइच छोटी लाइन के बगल वाशिंग पिट लाइन बनी थी। सन 2012 में बलरामपुर लूप लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के लिए घोषणा के बाद इस वाशिंग पिट लाइन को बंद कर दिया गया था। तब से गोंडा में वाशिंग पिट लाइन नहीं थी जिस कारण से ट्रेनों के डिब्बों में यात्री ट्रेनों के डिब्बों में साफ सफाई व मरम्मत के लिए काफी दिक्कत होती थी। नई वाशिंग पिट लाइन बन जाने से गोंडा रेलवे का परिदृश्य अलग हो जाएगा।
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