खोड़ारे क्षेत्र के भालूकोनी गांव स्थित कुआनो नदी में शनिवार शाम नहाने गए तीन किशोर गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने अपनी जान जोखिम में डालकर दो किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तीसरा किशोर नदी के तेज बहाव और गहराई में लापता हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक सर्च अभियान चलाया। रातभर तलाश जारी रही और करीब 18 घंटे बाद रविवार सुबह घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर किशोर का शव बरामद कर लिया गया। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
बस्ती जिले के थाना सोनहा क्षेत्र के भोलापुर गांव निवासी सरवरे आलम का 15 वर्षीय पुत्र आमिर शनिवार शाम अपने बड़े भाई खुशहाल (18) और साथी अनमोल (15) पुत्र जमील के साथ घूमने के लिए भालूकोनी गांव स्थित कुआनो नदी के घाट पर पहुंचे थे। तीनों किशोर भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए नदी में नहाने उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाते समय तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। तीनों की चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान भालूकोनी गांव निवासी शिवदास ने बिना देर किए साहस का परिचय देते हुए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत कर खुशहाल और अनमोल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन आमिर तेज बहाव में बह गया और कुछ ही क्षणों में आंखों से ओझल हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही भवानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया गया। बाद में एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। देर शाम तक नदी में सर्च अभियान चलता रहा। अंधेरा होने पर भी पुलिस ने मौके पर प्रकाश की व्यवस्था कराकर खोजबीन जारी रखी, लेकिन रात तक आमिर का कोई पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने दोबारा अभियान शुरू किया। करीब सुबह 10:30 बजे घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर गहरे पानी में आमिर का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलते ही मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भवानीगंज थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम की मदद से लगातार तलाश अभियान चलाया गया। रविवार सुबह किशोर का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बहादुरी से बचाई दो किशोरों की जान
यदि भालूकोनी गांव निवासी शिवदास समय रहते नदी में छलांग न लगाते, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना खुशहाल और अनमोल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की।