नाबालिग अपहरण प्रकरण में लापरवाही बरतने पर पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र के निर्देश पर खरगूपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। मामले में समय पर कार्रवाई न करने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने पर यह कार्रवाई की गई है।
रेंज कार्यालय में एक महिला ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी नाबालिग पुत्री को आरोपी विनय बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस मामले में थाना खरगूपुर में वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन बाद में जमानत पर छूटने के बाद आरोपी द्वारा पीड़िता से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की शिकायत की गई।
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आईजी के स्तर से तत्काल आरोपी की जमानत निरस्त कराने और पुनः गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। 16 मार्च को पीड़िता पक्ष ने फिर रेंज कार्यालय पहुंचकर शिकायत की कि 77 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उसका मनोबल बढ़ रहा है। इस पर पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने स्वयं थाना खरगूपुर पहुंचकर मामले की समीक्षा की। जांच में पाया गया कि न तो समय से विवेचना की गई, न जमानत निरस्तीकरण का प्रयास हुआ और न ही गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी गई।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आईजी ने प्रभारी निरीक्षक खरगूपुर शेषमणि पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षक को विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा गया है। मामले में पर्यवेक्षण अधिकारी क्षेत्राधिकारी नगर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।