बैंक की ऑडिट रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि बैंक अधिकारियों और खाताधारकों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराए गए। कुल 210 खातों के माध्यम से करीब 21.47 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। इस मामले में 12 जनवरी 2026 को नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अयोध्या के कृष्णानगर कॉलोनी निवासी आरोपी महिला सुमित्रा पाल की विवेचना के दौरान मौत हो चुकी है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।