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Gonda: 20 लाख के गबन में कोऑपरेटिव बैंक के दो प्रबंधकों समेत आठ पर एफआईआर, ऋण खाते से की थी हेराफेरी

Tue, 18 Aug 2026 08:07 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। ऋण खाते से रकम हड़पने का आरोप है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में ऋण खाते से 20.10 लाख रुपये के गबन के आरोप में दो तत्कालीन शाखा प्रबंधकों समेत आठ लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। कौड़िया थाना क्षेत्र के चैनापुर गांव निवासी रुकमनी सिंह की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और उनके कथित सहयोगियों ने मिलीभगत कर ऋण खाते से रकम की हेराफेरी की।

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रुकमनी सिंह ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने नौ जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में बचत खाता और 26 जुलाई को ऋण खाता खुलवाया था। उनके नाम 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधकों, कैशियर, सहायक प्रबंधक और उनके कथित सहयोगियों ने मिलीभगत कर ऋण खाते की रकम में हेराफेरी की।

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रिपोर्ट के मुताबिक, ऋण खाते से 7.50 लाख और पांच लाख रुपये एक व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी खाते की रकम निकाली गई। आरोप है कि शाखा प्रबंधक के कहने पर रुकमनी सिंह ने 4.60 लाख रुपये निकालकर दो लोगों को ऋण खाते में जमा कराने के लिए दिए थे, लेकिन रकम खाते में जमा नहीं की गई।

एक अन्य मामले में एक लाख रुपये में से केवल 40 हजार रुपये खाते में जमा किए गए और शेष 60 हजार रुपये हड़पने का आरोप है। रुकमनी सिंह का आरोप है कि लेनदेन की जानकारी उन्हें न मिल सके, इसके लिए उनके बैंक खाते से मोबाइल नंबर भी हटा दिया गया। बार-बार मांगने के बावजूद बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में मोबाइल नंबर दोबारा खाते से जुड़ने और स्टेटमेंट मिलने पर उन्हें रकम की हेराफेरी की जानकारी हुई।

नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले में बड़गांव शाखा के तत्कालीन प्रबंधक अजय कुमार पाल और पवन कुमार पाल, सहायक प्रबंधक सुशील कुमार गौतम, कैशियर पवन कुमार तिवारी, कटरा बाजार के पिपरी माझा निवासी करतार तिवारी, नगर कोतवाली क्षेत्र के बूढ़ादेवर निवासी संजीत कुमार जायसवाल, इमिलिया गुरुदयाल निवासी शिवाकांत वर्मा उर्फ पंकज और देहात कोतवाली क्षेत्र के बहलोलपुर निवासी राघवराम उर्फ रग्घू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पहले भी सामने आ चुका है मामला

बैंक की ऑडिट रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि बैंक अधिकारियों और खाताधारकों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराए गए। कुल 210 खातों के माध्यम से करीब 21.47 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। इस मामले में 12 जनवरी 2026 को नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अयोध्या के कृष्णानगर कॉलोनी निवासी आरोपी महिला सुमित्रा पाल की विवेचना के दौरान मौत हो चुकी है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था।
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