बिना स्वतंत्र पुष्टि के मुझे दुष्कर्म का आरोपी बताया
पूर्व सांसद ने पहलवानों के बयानों में विरोधाभास का दावा करते हुए कहा कि निगरानी समिति, शपथ पत्र और अदालत में दिए गए बयानों में काफी अंतर है। हिसार और रोहतक के पहलवानों ने बजरंग पूनिया का पता दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन घटनाओं का आरोप लगा, उस समय वह पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे। इस साजिश में 42 लोग शामिल थे और कुछ उद्योगपतियों ने पैसा लगाया था। मीडिया में बिना स्वतंत्र पुष्टि के उन्हें दुष्कर्म का आरोपी बताया गया।
उन्होंने बताया कि जूनियर पहलवानों के हित में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ट्रायल जैसी व्यवस्थाओं के नियमों में बदलाव किए गए थे। कुछ कथित रूप से नामी पहलवान बिना प्रक्रिया से गुजरे सीधे बड़े मुकाबलों में जाना चाहते थे। इसलिए इस बदलाव का विरोध राजनीतिक हो गया।
बाद में आंदोलन कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी का खिलौना बन गया। इससे खेल व्यवस्था के साथ-साथ महिला खिलाड़ियों को नुकसान हुआ। विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई ताकत नहीं है। वह गठबंधन होने पर समाजवादी पार्टी के सहारे चुनाव लड़ सकती है।