गोंडा। गोंडा-बहराइच मार्ग पर मिश्रौलिया गुमटी पर एक अरब रुपये से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। दो माह से चल रहे निर्माण के कारण गोंडा से बहराइच राज्यमार्ग को बंद कर दिया गया है। नियम है पुल या अन्य निर्माण करने से पहले डायवर्जन बनाया जाए जिससे यात्रियों को असुविधा न हो, लेकिन यहां डायवर्जन नहीं बनाया गया। इसके साथ डायवर्जन के लिए आवंटित बजट 1.35 करोड़ का कुछ अतापता नहीं है।
बीते दस साल से गोंडा-बाराबंकी रेल सेक्शन पर समपार फाटक संख्या 262 पर ओवर ब्रिज बनाने की कवायद चल रही थी। लगातार मांग व बढ़ते यातायात घनत्व के कारण आए दिन जानकीनगर मिश्रौलिया गुमटी पर जाम की स्थिति रहती थी। बीते वर्ष अक्टूबर में शासन ने गोंडा-बहराइच राजमार्ग पर एक अरब 12 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज निर्माण को हरी झंडी दे दी। स्वीकृति के साथ शासन ने पांच करोड़ रुपये भी जारी कर दिया।
दिसंबर में सेतु निगम ने गोंडा-बहराइच मार्ग पर ओवर ब्रिज निर्माण की कवायद शुरू कर दी और मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। करीब एक किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण दो साल तक चलने वाला है। इसलिए महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात प्रभावित न हो इसके लिए पहले डायवर्जन बनाया जाना था। इसके लिए 1.35 करोड़ रुपये का आवंटन भी किया गया है, लेकिन सेतु निगम ने न तो यूनिट की स्थापना की और न डायवर्जन बनाया।
20 किलोमीटर घूम कर वाहन चालक जाने को विवश
प्रयागराज, अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर व गोंडा से बहराइच की ओर जाने वाले वाहन चालकों को डायवर्जन न मिलने के कारण करीब 20 किलोमीटर का चक्कर अतिरिक्त लगाना पड़ रहा है। वाहनों को गोंडा से कटरा बाजार, रामापुर, कौड़िया व आर्यनगर के रास्ते रवाना किया जा रहा है, जबकि गोंडा से बहराइच जाते समय आर्यनगर की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है। वाहनों को दूर से भेजने का खामियाजा यात्रियों को भी भुगतना पड़ता है। रोडवेज बसों से यात्रा करने पर अतिरिक्त किराया देना पड़ता है।
ओवरब्रिज का ये है पूरा इस्टीमेट
ओवरब्रिज निर्माण के लिए शासन ने 112 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें ब्रिज निर्माण के साथ भूमि अध्यापित करने, बिजली की आपूर्ति, आरईपोल, सर्विस रोड, डायवर्जन, सुंदरीकरण सहित सभी कुछ कार्यदायी संस्था को कराना है। डायवर्जन का कार्य सबसे पहले करना होता है इसके बाद निर्माण का कार्य कराना होता है। पुल निर्माण से पहले डायवर्जन के लिए 1.35 करोड़ की लागत तय की गई है। इसके बाद निर्माण पूरा होने पर सर्विल लेन का निर्माण होगा जिस पर 223 लाख खर्च होंगे।
नहीं दर्शाई गई परियोजना की लागत
निर्माण के पूर्व जिस तरह डायवर्जन बनाना होता है उसी तरह परियोजना स्थल के दोनों छोर पर बोर्ड लगाना होता है। जिस पर परियोजना का नाम, लागत, मद संख्या, जिम्मेदार अधिकारियों के नंबर सहित बहुत कुछ अंकित करना होता है, लेकिन अभी तक इसका बोर्ड भी नहीं लगाया गया।
स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा
ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। एक बार निरीक्षण कर डायवर्जन बनाने का निर्देश दिया जा चुका है। यदि डायवर्जन नहीं बनाया गया तो संबंधित जिम्मेदार से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो शासन को संदर्भित किया जाएगा।
- मार्कंडेय शाही, डीएम गोंडा