हाईकोर्ट और शासन के निर्देश पर जिले की तीनों चीनी मिलों को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए शेड्यूल निर्धारित कर दिया गया है। जिले की तीनों चीनी मिलें करीब एक लाख 80 हजार किसानों का एक अरब 55 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर सकी हैं।
शेड्यूल के हिसाब से भुगतान न करने वाली चीनी मिलों को आठ रुपये 60 पैसे प्रति क्विंटल की दर से मिलने वाली छूट न देने की चेतावनी दी गई है। डीएम के फरमान पर जिला गन्ना अधिकारी नेे तीनों चीनी मिलों को निर्देश जारी कर दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने शनिवार को बताया कि हाईकोर्ट व प्रमुख सचिव गन्ना राहुल भटनागर के निर्देश पर डीएम प्रीति शुक्ला ने गत 17 जून को तीनों चीनी मिलों के प्रबंधकों को गन्ना किसानों का शेड्यूल के हिसाब से भुगतान करने का नोटिस जारी किया है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि बलरामपुर चीनी मिल 90 हजार किसानों का 46 करोड़ रुपये, शुगर कंपनी तुलसीपुर 55 हजार किसानों का 33 करोड़ रुपये और बजाज चीनी मिल इटईमैदा 35 हजार किसानों का 76 करोड़ रुपये अभी तक भुगतान नहीं कर सकी हैं।
हाईकोर्ट व शासन ने चीनी मिलों को निर्देश दिया है कि 15 जून तक बकाया भुगतान का 25 प्रतिशत, 30 जून तक 50 प्रतिशत और 15 जुलाई तक 75 प्रतिशत तक भुगतान करना अनिवार्य है। हाईकोर्ट और शासन ने ये भी निर्देश दिया है कि जो चीनी मिलें 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 15 जुलाई तक शेड्यूल के हिसाब से भुगतान कर देंगी।
उन्हें आठ रुपये 60 पैसे प्रति क्विंटल की दर से छूट दी जाएगी। छूट के लिए जिला गन्ना अधिकारी और संबंधित चीनी मिलों को बैंकों में संयुक्त खाता खोलना अनिवार्य होगा। संयुक्त खाते में ही छूट की धनराशि शासन से भेजी जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी चीनी मिलों को छूट की धनराशि प्रदान करेंगे।
डीएम ने सभी चीनी मिलों को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने का निर्देश दिया है। अनुपालन न करने पर डीएम ने संबंधित चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।