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सत्य का उद्घाटन करने वाला धार्मिक विज्ञान है गीता: गांगेय हंस

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गोंडा में आयोजित गीता गोष्ठी में गीता ज्ञान प्रसार यात्रा निकालते लोग। - फोटो : GONDA
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गोंडा। विज्ञान का न कोई धर्म है और न ही संप्रदाय। सत्य का उद्घाटन करना ही विज्ञान का धर्म है। गीता मानव जीवन का सार है गीता के प्रत्येक श्लोक में सत्य का उद्घाटन हुआ है गीता विश्व का अनुपम धार्मिक विज्ञान है
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उक्त विचार मालवीय नगर स्थित रामलीला मैदान में रविवार को गीता गोष्ठी की 19 वें गीता समरोह में मुख्य वक्ता राजर्षि गांगेय हंस ने व्यक्त किये। वाराणसी से आये संत गांगेय हंस ने कहा कि गीता को सांप्रदायिक ग्रंथ मानकर विरोध करने वाले समाज के विरोधी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ शास्त्री महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना सारस्वत ने द्वीप प्रज्ज्वलन व शंख ध्वनि के बीच गीता प्रार्थना ॐ के उच्चारण के साथ किया गया। समारोह में गीता गोष्ठी के संयोजक इंजीनियर सुरेश दूबे ने गीता की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि गीता किसी धर्म संप्रदाय की आलोचना न करके मानव मात्र को कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है।
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विचारक जनार्दन सिंह ने स्कंदपुराण में वर्णित गीता महात्म्य पर सारगर्भित व्याख्या करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत गीता संसार की अनुपम दार्शनिक ग्रंथ है। अयोध्या से आए योगाचार्य डॉ. चैतन्य ने गीता के परायण की सार्थकता उसके कर्म संदेश का जीवन में अनुसरण करना है। वृंदावन से पधारे स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अर्जुन बनकर श्री कृष्ण का शरण ग्रहण करना चाहिए। साध्वी ब्रह्मा ज्योति ने कहा कि गीता ज्ञान भक्ति व वैराग्य की त्रिवेणी है।
इसके पूर्व मेहनौन के विधायक विनय कुमार द्विवेदी मुन्ना भैया ने मुख्य वक्ता राजर्षि गांगेय हंस का माल्यार्पण कर स्वागत किया। डॉ. उमा सिंह व सोनी सिंह ने साध्वी ज्योति एवं गायिका किरण पांडेय का अंग वस्त्र से स्वागत किया। वाराणसी की साध्वी महादेवी हंस ने प्रवचन को गति देते हुए कहा कि गीता मानव धर्म की अमूल्य निधि है। कार्यक्रम का संचालन कृष्णानंद तिवारी व आभार प्रदर्शन वरिष्ठ भाजपा नेता केके श्रीवास्तव ने किया। गीता समारोह में अनिल सिंह, इंजी चन्द्रभाल मिश्रा, राकेश वर्मा, अमर किशोर कश्यप, धीरेन्द्र पांडेय, डॉ. छोटेलाल दीक्षित, डॉ. मिथिलेश मिश्रा, शिवमूर्ति मिश्रा, सत्यदेव मिश्रा, महेश नारायण तिवारी, डॉ. शेर बहादुर सिंह आदि व्यवस्था में सहयोगी रहे।
समारोह में सांस्कृतिक संगीत की रही धूम शास्त्रीय संगीत से सजे गीता समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निर्देशन गीता को संस्कृत में स्वरबद्ध करने वाले सुप्रसिद्ध संगीतकार सत्य प्रकाश शुक्ल ने किया। आकाशवाणी दूरदर्शन की गायिका किरन पांडेय, प्रतीति पांडेय ने आज सखी सत्संग में मिलिके, विनती सुनिए नाथ हमारी व साधो काहे करते हो गुमान के गीत भजन से श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। शुक्ल की करऊं जतन मन मानत नाही व मेरे दिल को दुनिया है तेरे हवाले और पूर्व प्राचार्य डॉ. अजीत कुमार सारस्वत ने स्वरचित भजन हे कृष्ण हे माधव प्रस्तुत कर दर्शकों पर अमिट प्रभाव छोड़ा।
छात्राओं ने निकाली गीता ज्ञान प्रसार यात्रा
गोंडा। हेमंत की गुनगुनी ठंडक में रविवार को मालवीय नगर स्थित रामलीला मैदान से प्रात: नौ बजे श्रद्धालु महिलाओं व शास्त्री महाविद्यालय की छात्राओं ने भव्य गीता ज्ञान प्रसार यात्रा निकाली। योगेश्वर श्री कृष्ण के विविध झांकियों से सजाकर यात्रा में शामिल महिलाओं ने नगरवासी गीता प्रेमियों से महोत्सव में शामिल होने का आह्वान किया। शोभायात्रा चौक बाजार, ठठेरी बाजार, दुखहरणनाथ मंदिर, बस स्टेशन चैराहे से सागर तालाब होकर रामलीला मैदान वापस लौटकर सम्पन्न हुई। यात्रा का संयोजन शास्त्री महाविद्यालय के आर एस बघेल ने स्कउट छात्राओं व सुनील जायसवाल ने गायत्री परिजनों के साथ किया। प्रशासन को ओर से महिला व पुरुष आरक्षियों की व्यवस्था की गई थी।
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