गोंडा। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने व ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार के लिए प्रधानमंत्री राहत कैशलेस इलाज योजना को लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। इस योजना के तहत हादसे में घायल व्यक्ति को निजी अस्पतालों में दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक मुफ्त उपचार मिलेगा।
बुधवार को एआरटीओ आरसी भारतीय की अगुवाई में यातायात विभाग व चिकित्सा विभाग के कर्मियों के साथ बैठक कर रणनीति बनी। योजना के तहत करीब 26 निजी अस्पतालों को जोड़ने पर चर्चा हुई। एआरटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होते ही उपचार प्रारंभ किया जाएगा। किसी प्रकार की अग्रिम धनराशि नहीं ली जाएगी।
दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिन तक डेढ़ लाख रुपये का उपचार मुफ्त रहेगा। वहीं ई-डर (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल पर ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। अस्पताल में उपचार के लिए पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से पूरी होगी। गैर गंभीर मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और बीमा कंपनियां आपस में समन्वय स्थापित करेंगी तथा अस्पताल को भुगतान सीधे मोटर वाहन दुर्घटना कोष से किया जाएगा।
राहवीर को मिलेगा सम्मान व पुरस्कार
दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार राहवीर योजना में 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। साल में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले 10 मददगारों को एक-एक लाख रुपये का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।