गोंडा। मेडिकल कॉलेज में चार आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जांच सेवाएं पूरी तरह संचालित नहीं हो पा रही हैं। प्रतिदिन कई मरीजों को बिना जांच लौटना पड़ता है। निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।
क्षेत्रीय निदान केंद्र और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में मशीनें स्थापित हैं। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में इनका उपयोग नहीं हो रहा है। मरीजों को समय पर जांच न मिलने से इलाज में देरी होती है। निजी केंद्रों पर 600 से 1200 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अधिक परेशानी होती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनिल तिवारी ने उच्च अधिकारियों को कमी की जानकारी दी है। नियुक्तियां होने पर अल्ट्रासाउंड सेवाएं पूरी क्षमता से शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि मेडिकोलीगल मामलों की जांच के लिए श्रावस्ती के डॉ. इंद्रदेव चौधरी को संबद्ध किया गया है, जो प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड जांच करते हैं।