मनरेगा के तहत काम न कराए जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए श्रम एवं रोजगार उपायुक्त मनरेगा ने आठ गांवों के चार सचिवों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही उन्होंने मीटिंग में समय से न आने पर एक ग्राम विकास अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है।
श्रम एवं रोजगार उपायुक्त मनरेगा मृणाल सिंह बीते दिन विकास खंड परिसर में बैठक कर साप्ताहिक विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्हें बताया गया कि ग्राम पंचायत भवानीपुर, राजापुर परसौरा, रूद्रगढ़ नौसी, रेतवागाड़ा, कोल्हुआ, दत्तनगर, मूसापुर व खौदी में चालू वित्तीय वर्ष में तीन माह बीत जाने के बाद भी मनरेगा से कोई काम नहीं कराया गया है और न ही मस्टर रोल जारी किया गया है।
इस पर उपायुक्त मनरेगा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव सतीश तिवारी, मालिकराम, आजम खां व देवेंद्र पांडेय को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
वहीं, ग्राम विकास अधिकारी रामनिवास वर्मा के बैठक में समय से न आने पर उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिया है। श्रम उपायुक्त ने बताया कि मनरेगा में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।