गोंडा। जिले में डेंगू के चार नए मरीज मिले हैं। वहीं एक मरीज मलेरिया से पीड़ित मिला है। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 21 व मलेरिया के मरीजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। इन सभी मरीजों की हालत स्थिर है। घर पर ही इनका इलाज चल रहा है।
मंगलवार को बेलसर निवासी राम बरन, परसपुर के रामा देवी व पंडरी कृपाल के अर्जुन कुमार ने मेडिकल कॉलेज में की डेंगू की जांच कराई। शाम को आई रिपोर्ट में वह डेंगू से ग्रसित मिले। बुधवार को मुजेहना निवासी अभिजीत की आई ब्लड रिपोर्ट में वह डेंगू पॉजिटिव मिले।
दरियापुर चौबे निवासी अमित कुमार करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। पीएचसी विशुनपुर बैरिया पर जांच करने पर मलेरिया की पुष्टि हुई। जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में छिड़काव के लिए टीमों को भेजा गया है।
निजी लैब नहीं दे रहे जानकारी, बिगड़ रहा विभाग का आंकड़ा
सरकारी अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। इनकी जांच भी निजी लैब में की जाती है। लैब संचालक अपनी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय नहीं भेज रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के मरीजों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी ने बताया कि सीएमओ की ओर से सभी लैब संचालकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वह अपने यहां जांच में मिले डेंगू व मलेरिया के मरीजों की सूचना पोर्टल पर अपलोड करें। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
डेंगू से बचाव को लेकर बरतें सतर्कता
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर बर्तन, कूलर और बेकार पड़ी वस्तुओं आदि में जमा पानी में पनपते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं। मच्छरों को काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। कहीं भी पानी का जमाव न होने दें।