शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जरवल से गोंडा के बीच बनने वाली 46 किलोमीटर फोरलेन रोड के निर्माण का कार्य भी धीरे-धीरे तेजी पकड़ने लगा है। शासन से इस सड़क के लिए जहां शुरूआती दौर में चार करोड़ रुपये रिलीज किए गए थे तो वहीं हाल में इसके लिए 100 करोड़ रुपये और दिए गए हैं, ताकि सड़क निर्माण में किसी तरह का व्यवधान पैदा न हो।
उधर, वन विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के एक ज्वाइंट इंस्पेक्शन में भंभुवा से गोंडा के बीच करीब 33 सौ पेड़ों को काटने पर भी विभागीय विचार-विमर्श चल रहा है। क्योंकि जितनी जल्दी इन पेड़ों की कटान होती है, उतनी जल्दी सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को जमीन मिल जाएगी और वह अपना काम शुरू कर देगा।
अधीक्षण अभियंता कायदे आजम लारी की मानें तो फोर लेन रोड के लिए शासन से 100 करोड़ रुपये उन्हें और मिले हैं, जिससे इसका काम जल्द ही चालू करा दिया जाएगा। जरवल रोड से गोंडा के बीच बनने वाली 46 किलोमीटर फोर लेन रोड किसी जगह पर 19 मीटर होगी तो किसी जगह पर 23 मीटर। जिसका फैसला जमीन की उपलब्धता को देखकर ही किया जाएगा।
जरवल रोड से गोंडा के बीच बनने वाली फोर लेन सड़क के टेंडर की प्रक्रिया भी इन दिनों अपने आखिरी दौर में है। सड़क के निर्माण की फाइनेंसिएल बिड में इसका काम एचडीबीएल नामक कंपनी को मिला है।
जरवल रोड से गोंडा के बीच बनने वाली फोर लेन रोड के दायरे में वन विभाग के जितने भी पेड़ आएंगे, उससे 10 गुना ज्यादा पेड़ पीडब्ल्यूडी को बतौर प्लांटेशन लगवाना होगा। जिसके लिए भारत सरकार से लैंड ट्रांसफर की अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन संरक्षक देवीपाटन मंडल अभय कुरुविला थामस के मुताबिक पीडब्ल्यूडी और वन विभाग का ज्वाइंट इंस्पेक्शन अभी चल रहा है। जैसे ही यह इंस्पेक्शन खत्म होता है, इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज दी जाएगी। जिसके बाद भारत सरकार से प्लांटेशन के लिए लैंड ट्रांसफर की कार्रवाई होगी।
जरवल रोड से गोंडा के बीच बनने वाली फोर लेन रोड के लिए 4 करोड़ रुपये उन्हें बीते वित्तीय वर्ष में मिले थे। जबकि हाल में 100 करोड़ रुपये और मिलने की सूचना मिली है। लेकिन अभी तक इस संबंध में उनके पास कोई कागज नहीं आया है।
जहां तक रोड की बात है तो इसका टेंडर लगभग फाइनल है। वन विभाग और पीडब्ल्यूडी के ज्वाइंट इंस्पेक्शन में रोड साइड के 33 सौ के करीब पेड़ों को काटा जाएगा। जबकि जहां-जहां पर्याप्त जगह है वहां सड़क का दायरा 23 मीटर रहेगा और जहां जगह कुछ कम है, वहां सड़क 19 मीटर की होगी।