गोंडा। पूर्व तहसीलदार अनीश कुमार सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन पर नामांतरण वादों में न्यायिक आदेशों में मनमानी करने और भूमि संबंधी मामलों में विधिक प्रक्रिया का पालन न करने के गंभीर आरोप साबित हुए हैं। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने जांच रिपोर्ट राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को भेज दी है।
जानकारी के मुताबिक, अनीश कुमार सिंह की जिले में तैनाती के दौरान कई विवाद सामने आए। वर्तमान में वह मऊ जनपद में तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। मंडलायुक्त के आदेश पर अपर आयुक्त (प्रशासन) कमलेश चंद्र द्वारा की गई जांच में पाया गया कि अनीश ने करनैलगंज तहसील के ग्राम पिपरी में ग्रामसभा की भूमि को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर नया खाता कायम कर दिया था। यही नहीं, 21 सितंबर 2021 को खरगूपुर के खाता संख्या–329 पर भी नया खाता खोलने का आदेश जारी किया था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, तहसीलदार अनीश सिंह ने कई मामलों में बैंक में बंधक बैनामा शुदा भूमि पर नामांतरण आदेश पारित किए, जिससे बैंकों की ऋण वसूली प्रभावित हुई। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने आदेश स्वयं वापस ले लिए।
मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव के आदेश पर तहसीलदार अनीश कुमार सिंह के विरुद्ध जांच अपर आयुक्त (प्रशासन) से कराई गई थी। जांच अधिकारी द्वारा प्रेषित रिपोर्ट राजस्व परिषद को भेज दी गई है।
वीडियो में घूस लेते दिखने का दावा, पर पुष्टि नहीं
फरवरी 2025 में तरबगंज तहसील में न्यायिक पद पर रहते हुए अनीश सिंह का वाहन में बैठकर रकम लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती। मामले में 17 फरवरी 2025 को जलालुद्दीननगर निवासी आनंद कुमार ने राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को शिकायती पत्र भेजा था। जांच अधिकारी ने वीडियो का तकनीकी विश्लेषण कराया, लेकिन न तो पैसे के लेन-देन की पुष्टि हुई और न ही देने वाले व्यक्ति की पहचान हो सकी।