गोंडा। वर्ष 2021 में मेसर्स लालजी कंस्ट्रक्शन की फर्म में पार्टनर रहे राजेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद फर्म को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया। इस पर खाद्यान्न घोटाले में शामिल आरोपियों ने दोबारा टेंडर प्रक्रिया में भाग ले लिया। शिकायत पर डीएम नेहा शर्मा ने संंबंधित के खिलाफ कार्रवाई की है। साथ ही पार्टनर रहे राजेश यादव को पांच साल के लिए टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से रोक लगा दी गई है।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 से मामले में मेसर्स लालजी कंस्ट्रक्शन फर्म पूर्व में बेलसर ब्लॉक में सरकारी खाद्यान्न की हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदार के रूप में कार्य कर रही थी। इस दौरान सरकारी खाद्यान्न की बोरियों को चावल मिल नारायण इंडस्ट्रीज पर पलटा जा रहा था। इस प्रकरण में मेसर्स लालजी कंस्ट्रक्शन के प्रोप्राइटर लालजी सिंह, चावल मिल मेसर्स नारायण इंडस्ट्रीज के प्रो. विशाल सिंह और विपणन निरीक्षक संदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही संस्था को ठेके के लिए निलंबित कर दिया गया है। राजेश यादव मेसर्स लालजी कंस्ट्रक्शन के पार्टनर रहे हैं। बार-बार नोटिस देने के बावजूद उन्होंने जवाब नहीं दिया। ऐसे में जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राजेश यादव पर पांच साल के लिए टेंडर में शामिल होने पर रोक लगाई गई है।